विश्वास में आत्मिक लड़ाई The Spiritual Battle of Faith
विश्वास में आत्मिक लड़ाई The Spiritual Battle of Faith

विश्वास में आत्मिक लड़ाई The Spiritual Battle of Faith
शैतान चालाक सांप रिश्ते में फुट डालता है Rshte mein foot daalta hai.”
वाचा AHD COVNENT DOST ABRAHAM SARAH BIWI SHAUHR पत्नी-पति
'मसीह यीशु में न खतना और न खतनारहित कुछ काम का है, परन्तु केवल विश्वास, जो प्रेम के द्वारा प्रभाव डालता है। 'गलातियों 5:6
1. पौलुस और मूसा की शरीअत के अधीन जीवनपौलुस पहले मूसा की शरीअत के अधीन जीवन जीता था।वह फरीसी था और व्यवस्था (शरीअत) का कड़ाई से पालन करता था।वह अपने कामों और नियमों के द्वारा धर्मी ठहरना चाहता थाउसे लगता था कि व्यवस्था का पालन करने से ही मनुष्य परमेश्वर के सामने सही ठहरता हैइसी कारण वह कलीसिया को सताता भी था2. मसीह की फ़ज़ल और सच्चाई के अधीन जीवनजब पौलुस का जीवन यीशु मसीह से बदला, तब वह फ़ज़ल (अनुग्रह) और सच्चाई के अधीन आ गया।अब वह कामों से नहीं, बल्कि विश्वास से धर्मी ठहरने की शिक्षा देता हैउसन...
इंसान इंसान का खून पीकर और मांस खाकर जीता है।”This video, created by YASHARIM EL BIBLE REVLATION, explores the spiritual and physical concept that humans sustain their lives by consuming the physical and energetic labor of others, equating this to "drinking blood and eating flesh." It uses this premise to explain the necessity of Christ's sacrifice.### Key Themes:The Cost of Living (0:00 - 1:04): The video argues that humans physically survive by exchanging money for necessities like food, water...
चंगा करने वाला विश्वाश Healing Faith changa karne wala iman hindi urdu bible
आत्मा का फल – 9 · मन फिराव का फल · धार्मिकता का फल · प्रकाश का फल · होंठों का फल आत्मा का फल – 9 · मन फिराव का फल · धार्मिकता का फल · प्रकाश का फल · होंठों का फल
The video, titled "You have received it for free, give it for free," discusses core Christian teachings about grace, salvation, and service, emphasizing the idea of giving freely what has been received freely (0:00-0:30). Key themes and biblical references include: Free Gift and Free Giving (0:30-0:57): The speaker references Matthew 10:8, highlighting that healing the sick, raising the dead, cleansing lepers, and casting out demons should be done freely because these abilities are freely receiv...
"Walk Straight Like a Wheel" टाइटल वाले इस वीडियो में स्पिरिचुअल गाइडेंस और भगवान की मर्ज़ी का पालन करने पर बात की गई है, जिसमें बाइबिल के मतलब, खासकर यहेजकेल के विज़न से काफी कुछ लिया गया है। यहां खास बातें बताई गई हैं: सच्चाई और कृपा में चलना (0:14-0:27): वीडियो भगवान की कृपा और सच्चाई के नीचे जीने पर ज़ोर देता है, यह बताता है कि सभी को जीसस क्राइस्ट के ज़रिए "कृपा पर कृपा" मिली है। डिवाइन कॉलिंग और गाइडेंस (0:33-1:07): यह इस बात पर ज़ोर देता है कि यह मैसेज उन लोगों के लिए है जिन्हें डिवाइन कॉ...
यह वीडियो बाइबिल में नंबर 120 के कॉन्सेप्ट पर बात करता है, इसे स्पिरिचुअल बदलाव और इंसानियत के साथ भगवान के नए करार से जोड़ता है। स्पीकर, याशरिम एल, बाइबिल के अलग-अलग हिस्सों का ज़िक्र करते हुए बताते हैं कि यह नंबर कैसे "नई क्रिएशन" और पुराने तरीकों से अलग होने का इशारा करता है।खास बातें ये हैं:120 का मतलब (0:00): वीडियो की शुरुआत नंबर 120 को एक खुलासे या "मुकाशफा" (0:04) के तौर पर पेश करके होती है, जो इंसानी मामलों में भगवान के दखल की निशानी है।पुराना करार और नाफ़रमानी (0:26): स्पीकर जेनेसिस 6 ...
बाइबल अमीरी के बारे में क्या कहती है?
The video, titled "How is Satan sowing discord in the family?", discusses how Satan creates divisions within families, especially among Christians (0:00). The speaker emphasizes that Satan, like a roaring lion, seeks to devour and has infiltrated homes and minds, constantly sowing discord (0:12). The video highlights two main ways this happens: Division within Christian families (0:46): Even within families who identify as Christian, different teachings and lack of understanding about their call...
True love is the source of true holiness.वीडियो, "सच्चा प्रेम सच्ची पवित्रता का मूल स्रोत है" (सच्चा प्यार सच्ची पवित्रता का मूल स्रोत है), इस बात पर ज़ोर देता है कि सच्चा प्यार पवित्रता, धार्मिकता, सच्चाई, मानवता, ज्ञान और शुद्धता का मूल स्रोत है (0:01-0:47)। यह बताता है कि पाप की जड़ भगवान के प्यार में न रहना है (0:48)।वीडियो के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:भगवान के प्यार का स्वभाव (1:51): भगवान ने अपने बेटे, मसीह को मानवता के लिए मरने के लिए भेजकर अपना प्यार दिखाया, जब वे अभी भी पापी थे, जिससे म...
Blood Covenant | Khun ka Rishta | Bible TeachingIs video/topic me hum samajhte hain ki Masih Yeshua ke khun ke wasile Khuda ke sath humara asmaani rishta kaise qayam hota hai. Bible ke mutabiq bagair khun bahaye maafi nahi hoti aur Masih ka khun naya ahd (New Covenant) qaim karta hai. Ibrahim ka ahd, khatna ka nishan, iman se rastbazi, fazl aur sachchai, aur Masih me nayi makhluq hone ka gehra arth is sandesh me samjhaya gaya hai.Agar aap Bible, Blood Covenant, New Covenant, Grace & Truth, F...
शोक सभा उर्दू प्रवचन | अंतिम संस्कार संदेश हिंदी | शोक सभा बनाम अंतिम संस्कार
मत्ती 25दस कुँवारियों का दृष्टान्त1“तब स्वर्ग का राज्य उन दस कुँवारियों के समान होगा जो अपनी मशालें लेकर दूल्हे से भेंट करने को निकलीं। 2उनमें पाँच मूर्ख और पाँच समझदार थीं। 3मूर्खों ने अपनी मशालें तो लीं, परन्तु अपने साथ तेल नहीं लिया; 4परन्तु समझदारों ने अपनी मशालों के साथ अपनी कुप्पियों में तेल भी भर लिया। 5जब दूल्हे के आने में देर हुई, तो वे सब ऊँघने लगीं और सो गईं।6“आधी रात को धूम मची : ‘देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो।’ 7तब वे सब कुँवारियाँ उठकर अपनी मशालें ठीक करने लगीं...
'इसी प्रकार से स्त्रियों को भी गम्भीर होना चाहिए; दोष लगानेवाली न हों, पर सचेत और सब बातों में विश्वासयोग्य हों। '1 तीमुथियुस 3:11https://www.bible.com/bible/1683/1TI.3.11
शालोम! मसीह यीशु में हम सबको शांति मिले।उसकी पूर्णता में से हम सब ने पाया है — अनुग्रह पर अनुग्रह।क्योंकि अनुग्रह और सत्य मसीह यीशु के द्वारा प्रकट हुए।आज का प्रकाशन यह है किअनुग्रह और सत्य के अधीन, बुद्धि और प्रकाशन की आत्मा के द्वारा, मसीह की सच्ची पहचान प्राप्त हो।यदि कोई कलीसिया या चर्चअनुग्रह के बिना, सत्य के बिना, और पवित्र आत्मा के प्रकाशन के बिनामसीह की शिक्षा देने का दावा करता है,तो वह केवल मानवीय बुद्धि और परंपरा पर आधारित है —वह सच्ची आत्मिक उपासना नहीं है।ऐसी उपासना वैसी ही हैजैसी इस...
HEBREW KA CHAT ANK VAV JIKSA NISHAN KEEL OR JO YE SAL HEBREW CLENDER KE MUTAB 5786 YE VAAV KA SAAL TO IS VAAV KE SAAL KA PARKASHAN YANI ANK 6 JISKA NISHAN CHIN HAI ., KEEL ., FAZL ORSACHCHAI KE ADHIN FAZL OR SACHCHAI MASIH YESHUA KI MARIFAT PAUHHNHCI OR USKIMAMURI MEN SE HUM SAB NE PAYA YANI FAZL PAR FAZL ., VAV HAI CHATA DIN OR CHATE DIN KYA HUA .,
yāšaʿ to save, be saved, be deliveredto be liberated, be saved, be deliveredto be saved (in battle), be victorious(Hiphil)to save, deliverto save from moral troublesto give victory toיָשַׁע yâshaʻ, yaw-shah'; a primitive root; properly, to be open, wide or free, i.e. (by implication) to be safe; causatively, to free or succor:—× at all, avenging, defend, deliver(-er), help, preserve, rescue, be safe, bring (having) salvation, save(-iour), get victory.
मसीह में क़ामिल प्रेम masih men kamil prem
APOSTLE प्रेरित sheliach https://amzn.in/d/8kK239F
“Fazl, Sachchai, 5 Roti 2 Machhli, Aur Masih Ki Ruh ka Asmani Bhed”Yūhannā 5:39 में लिखा है कि सारी Kitāb-e-Muqaddas Masih की तरफ इशारा करती है—Ank, Harf, Roti, Machhli, Zaboor, Torah — सब इसलिए लिखे गये कि हम Yeshua Masih को पहचानें,क्योंकि Zindagi KI RUH US MÊN HAI.⭐ Ruhaani Nishan – Ank 5 aur Ank 2 ka Asmani Bhed5 = Fazl, Beta ki Ruh, Zindagi ki Ruh, Satuti ka NishanIbrani Harf “ה – Hey”Torah ke 5 hisse150 Zaboor = 5 bhaagMasih ke Wasile: “Fazl par Fazl”2 = Sachchai ka NishanSachchai Pita mei...
👉 “क्रोध, व्यवस्था और अनुग्रह का रहस्य | क्यों व्यवस्था क्रोध उत्पन्न करती है? | Grace vs Law Bible Study”👉 “मूसा की व्यवस्था और मसीह का अनुग्रह – बाइबल का गहरा रहस्य”📝 YouTube Description (Hindi + SEO)बाइबल सिखाती है कि क्रोध (Gussa / Wrath) परमेश्वर की धार्मिकता को पूर्ण नहीं कर सकता (याकूब 1:20)।मूसा की व्यवस्था (Law / Shariat) क्रोध, दोषारोपण और दंड को प्रकट करती है, जबकि मसीह (Yeshu Masih) अनुग्रह, प्रेम और सत्य को प्रकट करते हैं।📖 “व्यवस्था क्रोध उत्पन्न करती है।” — रोमियों 4:15📖 “पाप...
यीशु का धोखे से पकड़ा जाना(मरकुस 14:43–50; लूका 22:47–53; यूह 18:3–12)47वह यह कह ही रहा था कि यहूदा जो बारहों में से एक था आया, और उसके साथ प्रधान याजकों और लोगों के पुरनियों की ओर से बड़ी भीड़, तलवारें और लाठियाँ लिये हुए आई। 48उसके पकड़वानेवाले ने उन्हें यह संकेत दिया था : “जिसको मैं चूम लूँ वही है; उसे पकड़ लेना।” 49और तुरन्त यीशु के पास आकर कहा, “हे रब्बी, नमस्कार!” और उसको बहुत चूमा। 50यीशु ने उससे कहा, “हे मित्र, जिस काम के लिये तू आया है, उसे कर ले।” तब उन्होंने पास आकर यीशु पर हाथ डाले औ...
संयम की आत्मा भाग – 2 एल्याह नबी मूसा नबी के बारे मेंमुका 11दो गवाह1और मुझे 'लाठी की तरह एक नापने की लकड़ी दी गई, और किसी ने कहा, उठकर ख़ुदा के मक़्दिस और क़ुर्बानगाह और उसमें के इबादत करने वालों को नाप। 2और उस सहन को जो मक़्दिस के बाहर है अलग कर दे, और उसे न नाप क्यूँकि वो ग़ैर — क़ौमों को दे दिया गया है; वो मुक़द्दस शहर को बयालीस महीने तक पामाल करेंगी। 3“और मैं अपने दो गवाहों को इख़्तियार दूँगा, और वो टाट ओढ़े हुए एक हज़ार दो सौ साठ दिन तक नबुव्वत करेंगे।” 4ये वही ज़ैतून के दो दरख़्त और दो चिर...
2 तीमुथियुस 1:7 “क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की आत्मा नहीं दी, परन्तु सामर्थ, प्रेम और संयम (या आत्म-संयम) की आत्मा दी है।
यशायाह 53 1जो समाचार हमें दिया गया, उसका किसने विश्वास किया? और यहोवा का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? 2क्योंकि वह उसके सामने अँकुर के समान, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते। 3वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरुष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उससे मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और हम ने उसका मूल्य न जाना।4निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और ह...
जब सारा ने ख़ुदा के वचन को सिर्फ़ सुना नहीं, बल्कि सच्चाई की रूह से कबूल किया, तभी मरे हुए गर्भ में जीवन आया — और उसने संतान को जन्म देने की सामर्थ्य पाई।👉 इसलिए मसला वचन सुनने का नहीं, बल्कि उसे सच्चाई की रूह से स्वीकार करने का है।जब दिल वचन में लग जाता है, तब वचन मुझसम (देहधारी) हो जाता है — और जीवन में असर करता है।क्योंकि लिखा है:यशायाह 55:11 — “मेरा वचन जो मेरे मुख से निकलता है, वह व्यर्थ मेरे पास न लौटेगा, बल्कि जो कुछ मैं चाहता हूं उसे पूरा करेगा।”🔥 मुख्य संदेश:पहले बुलाहट (Calling) आत...