मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan - podcast cover

मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan

मार्ग सत्य जीवनmargsatyajeevan.com
मार्ग सत्य जीवन सत्य वचन कलीसिया की सेवकाई है। यह उत्तरी भारत में कलीसिया के आध्यात्मिक विकास के लिए मुफ्त संसाधन उपलब्ध कराती है। मा.स.जी. पर पाए जाने वाले सन्देश सत्य वचन कलीसिया के अगुवों द्वारा प्रचार किए गए हैं। आप इन संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं, और स्पष्ट करें कि आप मा.स.जी. के संसाधनों का उपयाग कर रहे हैं। Marg Satya Jeevan (MSJ) is a ministry of (SVC). It provides free Hindi resources for the spiritual growth of the church in North India. The sermons on the MSJ website are preached by the Elders of SVC. Please feel free to use the resources, and please duly acknowledge MSJ.
Last refreshed:
Follow this podcast in the Metacast mobile app to refresh it and see new episodes.
Download Metacast podcast app
Podcasts are better in Metacast mobile app
Don't just listen to podcasts. Learn from them with transcripts, summaries, and chapters for every episode. Skim, search, and bookmark insights. Learn more

Episodes

अनुग्रह को सेंतमेत में होना चाहिए/Grace Must Be Free.

अनुग्रह को सेंतमेत में होना चाहिए Grace Must Be Free. तेरे पास क्या है जो तुझे नहीं मिला? यदि वह तुझे मिला है तो फिर घमण्ड क्यों करता है मानो तुझे नहीं मिला? (1 कुरिन्थियों 4:7) उद्धार को एक घर के रूप में चित्रित करें जिस में आप रहते हैं। यह आपको सुरक्षा प्रदान करता है। यह खाने पीने की वस्तुओं से भरा हुआ है जो सदा के लिए रहेगा। यह न कभी सड़ता है और न ही टूटता है। इसके झरोखें सर्व-संतोषजनक महिमा के परिदृश्यों पर खुलते हैं। परमेश्वर ने इसका निर्माण अपना और अपने पुत्र की बड़ी हानि उठाकर किया है, और...

Jul 16, 20222 minSeason 3Ep. 95

यीशु को स्मरण करने की दो रीतियाँ/Two Ways to Remember Jesus.

यीशु को स्मरण करने की दो रीतियाँ Two Ways to Remember Jesus. मेरे सुसमाचार के अनुसार दाऊद के वंशज मृतकों में से जी उठे यीशु ख्रीष्ट को स्मरण रख। (2 तीमुथियुस 2:8) पौलुस यीशु को स्मरण करने की दो विशिष्ट रीतियों का उल्लेख करता है: मृतकों में से जी उठे के रूप में उसे स्मरण करो। और उसे दाऊद की सन्तान के रूप में स्मरण करो। यीशु के विषय में ये दो बातें क्यों हैं? क्योंकि यदि वह मृतकों में से जी उठा है तो वह जीवित है और मृत्यु पर विजयी है — हमारी मृत्यु पर भी! “यदि उसका आत्मा जिसने यीशु को मृतकों में स...

Jul 16, 20223 minSeason 3Ep. 94

न्याय के समय की पुस्तकें/The Books at the Judgment.

न्याय के समय की पुस्तकें The Books at the Judgment. पृथ्वी के सब निवासी [पशु] की पूजा करेंगे, अर्थात प्रत्येक व्यक्ति जिसका नाम उस मेमने के जीवन की पुस्तक में, जो जगत की उत्पत्ति के समय से घात किया गया है नहीं लिखा गया है। (प्रकाशितवाक्य 13:8) जिनका नाम जीवन की पुस्तक में लिखा गया है उद्धार उन सब के लिए सुरक्षित है। जीवन की पुस्तक में नाम लिखा जाना हमारे उद्धार को सुरक्षित इसलिए करता है क्योंकि इस पुस्तक को कहा जाता है, “ मेमने के जीवन की पुस्तक जो घात किया गया है।” इस पुस्तक में लोगों के नाम उन...

Jul 16, 20224 minSeason 3Ep. 93

नई वाचा में नई बात क्या है/What’s New About the New Covenant

नई वाचा में नई बात क्या है। What’s New About the New Covenant. “परन्तु जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्राएल के घराने के साथ बान्धूँगा वह यह है,” यहोवा कहता है, “मैं अपनी व्यवस्था उनके मनों में डालूँगा और उसे उनके हृदयों पर लिखूँगा; और मैं उनका परमेश्वर ठहरूँगा तथा वे मेरी प्रजा ठहरेंगे।” (यिर्मयाह 31:33) यीशु प्रेम और आज्ञाओं के मध्य में किसी भी सम्पूर्ण पृथकता को नष्ट करता है। वह कहता है, “यदि तुम मुझ से प्रेम करते हो, तो मेरी आज्ञाओं का पालन करोगे . . . जिसके पास मेरी आज्ञाएँ हैं और वह उनका पाल...

Jul 16, 20223 minSeason 3Ep. 92

जब आप लड़खड़ाते हैं तो कैसे प्रतिउत्तर दें/How to Respond When You Falter.

जब आप लड़खड़ाते हैं तो कैसे प्रतिउत्तर दें How to Respond When You Falter. क्योंकि जिस भलाई की मैं इच्छा करता हूँ, वह तो नहीं कर पाता; परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता, वही करता रहता हूँ। (रोमियों 7:19) ख्रीष्टीयगण केवल पराजय में ही जीवन नहीं जीते हैं। और न ही हम सर्वदा पाप पर सिद्ध विजय में जीते हैं। तो उन समयों में जब हम पाप पर विजयी होने में असफल होते हैं, तो रोमियों 7:13-25 दिखाता है कि एक स्वस्थ्य ख्रीष्टीय को सामान्य रीति से कैसे प्रतिउत्तर देना चाहिए। हमें कहना चाहिए: मैं परमेश्वर की व...

Jul 16, 20222 minSeason 3Ep. 91

एवरेस्ट से उत्तम/Better Than Everest

एवरेस्ट से उत्तम Better Than Everest. और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिये वह सब बातों के द्वारा भलाई को उत्पन्न करता है, अर्थात् उन्हीं के लिए जो उसके अभिप्राय के अनुसार बुलाए गए हैं। (रोमियों 8:28) यदि आप इस विशाल प्रतिज्ञा के भीतर रहते हैं, तो आपका जीवन एवरेस्ट पर्वत से भी अधिक ठोस और स्थिर है। जब आप रोमियों 8:28 की दीवारों के भीतर हों तो कुछ भी आपको उड़ाकर नहीं गिरा सकता है। रोमियों 8:28 के बाहर, सब कुछ भ्रम और चिन्ता और भय और अनिश्चितता है। परमेश्वर के सर्व-व्याप...

Jul 16, 20222 minSeason 3Ep. 90

सिंह और मेमना/The Lion and the Lamb.

सिंह और मेमना The Lion and the Lamb. “देखो, मेरा सेवक जिसे मैंने चुना है, मेरा प्रिय जिस से मेरा मन अति प्रसन्न है। मैं उस पर अपना आत्मा डालूंगा और वह ग़ैरयहूदियों पर उचित न्याय की घोषणा करेगा। वह न तो विवाद करेगा और न चिल्लाएगा, और न कोई उसकी आवाज़ गलियों में सुनेगा। वह कुचले हुए सरकण्डे को न तोड़ेगा और टिमटिमाती हुई बत्ती को न बुझाएगा, जब तक कि वह न्याय को विजयी न बनाए। और उसी के नाम में ग़ैरयहूदी आशा रखेंगे।” (मत्ती 12:18-21, यशायाह 42 से उद्धरित) पिता का मन अपने पुत्र के दास-जैसी नम्रता और क...

Jul 16, 20223 minSeason 3Ep. 89

यदि वह बुलाता है, तो वह बनाये रखता है/If He Calls, He Keeps

यदि वह बुलाता है, तो वह बनाये रखता है। If He Calls, He Keeps. [प्रभु] जो तुम्हें अन्त तक दृढ़ भी करेगा कि हमारे प्रभु यीशु ख्रीष्ट के दिन में निर्दोष ठहरो। परमेश्वर विश्वासयोग्य है, जिसके द्वारा तुम उसके पुत्र हमारे प्रभु यीशु ख्रीष्ट की संगति में बुलाए गए हो। (1 कुरिन्थियों 1:8-9) आप यह सुनिश्चित करने के लिए किस पर निर्भर हैं कि आपका विश्वास यीशु के आने तक बना रहेगा? प्रश्न यह नहीं है, कि क्या आप अनन्त सुरक्षा में विश्वास करते हैं? प्रश्न यह है कि हम सुरक्षित कैसे बने रहते हैं? क्या हमारे विश्व...

Jul 16, 20223 minSeason 3Ep. 87

अपने पुत्र के लिए परमेश्वर के प्रेम जितना निश्चित/As Sure as God’s Love for His Son

अपने पुत्र के लिए परमेश्वर के प्रेम जितना निश्चित As Sure as God’s Love for His Son. वह जिसने अपने पुत्र को भी नहीं छोड़ा परन्तु उसे हम सब के लिए दे दिया, तो वह उसके साथ हमें सब कुछ उदारता से क्यों न देगा?(रोमियों 8:32) परमेश्वर प्रत्येक पीड़ा को उसके विनाशकारी शक्ति से निरस्त्र कर देता है। आपको इस पर अवश्य ही विश्वास करना चाहिए नहीं तो आप आधुनिक जीवन के दबावों और प्रलोभनों में एक ख्रीष्टीय के रूप में विकसित नहीं हों पाएँगे, और सम्भवत: आप जीवित भी नहीं रह पाएँगे। बहुत सारी पीड़ा है, बहुत सारी रु...

Jul 16, 20223 minSeason 3Ep. 86

परमेश्वर के वचन में कैसे आनन्दित हों/How to Delight in God’s Word.

परमेश्वर के वचन में कैसे आनन्दित हों How to Delight in God’s Word. तेरे वचन मुझको कितने मीठे लगते हैं, हाँ मेरे मुँह में मधु से भी मीठे हैं! (भजन 119:103) ख्रीष्टीयता को कभी भी केवल माँगों और संकल्पों और इच्छाशक्ति के विषय तक ही घटाकर न प्रस्तुत करें। यह तो इस विषय से सम्बन्धित है कि हमें क्या प्रिय लगता है, हम किसमें आनन्दित होते हैं, हमें किसका स्वाद भाता है। जब यीशु संसार में आया तो मानवता इस आधार पर विभाजित हो गयी कि लोग किससे प्रेम करते थे। “ज्योति जगत में आ चुकी है, परन्तु मनुष्यों ने ज्यो...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 83

अज्ञानता अभक्ति को सुनिश्चित करती है/Ignorance Guarantees Ungodliness.

अज्ञानता अभक्ति को सुनिश्चित करती है I gnorance Guarantees Ungodliness उसकी ईश्वरीय सामर्थ्य ने उसी के पूर्ण ज्ञान के द्वारा जिसने हमें अपनी महिमा और सद्भावना के अनुसार बुलाया है, वह सब कुछ जो जीवन और भक्ति से सम्बन्ध रखता है, हमें प्रदान किया है। (2 पतरस 1:3) मैं उस सामर्थ्य से अचम्भित हूँ जिसका श्रेय बाइबल, ज्ञान को देती है। 2 पतरस 1:3 को फिर से सुने: “[परमेश्वर की] ईश्वरीय सामर्थ ने उसी के पूर्ण ज्ञान के द्वारा जिसने हमें अपनी महिमा और सद्भावना के अनुसार बुलाया है, वह सब कुछ जो जीवन और भक्ति ...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 80

छह बिन्दुओं में सुसमाचार का सारांश/A Six-Point Summary of the Gospel.

छह बिन्दुओं में सुसमाचार का सारांश A Six-Point Summary of the Gospel. ख्रीष्ट भी सब के पापों के लिए एक ही बार मर गया,अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी जिस से वह हमें परमेश्वर के समीप ले आए। (1 पतरस 3:18) यहाँ सुसमाचार का सारांश दिया गया है जो इसे समझने और इसका आनन्द लेने और इसको बाँटने में आपकी सहायता करेगा। 1) परमेश्वर ने हमें अपनी महिमा के लिए रचा है। “मेरे पुत्रों को दूर से तथा मेरी पुत्रियों को पृथ्वी के छोर से ले आओ, अर्थात् हर एक को जो मेरे नाम का कहलाता है, जिसको मैंने अपनी महिमा के लिए सृज...

Jul 15, 20225 minSeason 3Ep. 76

प्रार्थना का विस्मयादिबोधक बिन्दु/Prayer’s Exclamation Point.

प्रार्थना का विस्मयादिबोधक बिन्दु Prayer’s Exclamation Point. परमेश्वर की जितनी भी प्रतिज्ञाएँ हैं यीशु में ‘हाँ’ ही ‘हाँ’ हैं। इसीलिए उसके द्वारा हमारी आमीन भी परमेश्वर की महिमा के लिए होती है। (2 कुरिन्थियों 1:20) प्रार्थना प्रतिज्ञाओं के प्रति अर्थात् परमेश्वर के भविष्य-के-अनुग्रह के आश्वासनों के प्रति प्रत्युत्तर है। प्रार्थना उस खाते से धन निकालने की नाई है जहाँ परमेश्वर ने भविष्य-के-अनुग्रह के सारे भण्डार रखे हैं। प्रार्थना अन्धकार में आशा करना नहीं है कि सम्भवतः कहीं कोई भली मनसाओं वाला प...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 74

उद्धारकर्ता के लिए क्रान्तिकारी/Subversive for the Savior.

उद्धारकर्ता के लिए क्रान्तिकारी Subversive for the Savior. जब यीशु गदरेनियों के प्रदेश में दुष्टात्माओं से भरे व्यक्ति से मिला, तो दुष्टात्माएं चिल्ला कर बोलीं, “हे परमेश्वर के पुत्र, हमारा तुझ से क्या काम? क्या तू यहाँ हमें समय से पहले यातना देने आया है?” (मत्ती 8:29) दुष्टात्माओं ने यहाँ एक रहस्य को सीखा था। वे जानते थे कि उनका विनाश निश्चित् था। वे जानते थे कि परमेश्वर का पुत्र विजयी होगा। परन्तु जब तक ऐसा नहीं हुआ तब तक वे नहीं जानते थे कि ख्रीष्ट अन्तिम पराजय की घड़ी से पहले आने वाला था। लड़ा...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 72

विजय निश्चित है/The Triumph Is Sure.

विजय निश्चित है। The Triumph Is Sure. इस कारण शक्तिशाली जाति तेरी महिमा करेगी, निष्ठुर देशों के नगर तेरा सम्मान करेंगे। (यशायाह 25:3) यशायाह उन दिनों को आते हुए देखता है जब सारे देश — सभी लोगों के समूह के प्रतिनिधि — इस्राएल के परमेश्वर यहोवा और उसके मसीहा का विरोध नहीं करेंगे, जिसे हम जानते हैं कि वह यीशु है। अब वे, बेल या नबो या मोलेक या अल्लाह या बुद्ध या आदर्शवादी सामाजिक कार्यक्रम या पूंजीवादी विकास सम्भावनाओं या पूर्वजों या दुष्टात्माओं की आराधना नहीं करेंगे। इसके स्थान पर वे विश्वास के द्...

Jul 15, 20222 minSeason 3Ep. 71

दो अनन्त शक्तिशाली और कोमल सत्य/Two Infinitely Strong and Tender Truths.

दो अनन्त शक्तिशाली और कोमल सत्य Two Infinitely Strong and Tender Truths. “. . . मैं अन्त की बात आदि से और जो बातें अब तक नहीं हुईं उन्हें प्राचीनकाल से बताता आया हूँ। मैं कहता हूँ कि मेरी योजना स्थिर रहेगी और मैं अपनी भली इच्छा पूरी करूँगा” (यशायाह 46:10)। “सम्प्रभुता” शब्द (“त्रिएकता” शब्द के भाँति ही) बाइबल में नहीं आता है। हम इसका उपयोग इस सत्य की बात करने के लिए करते हैं: परमेश्वर संसार के सबसे विशाल अन्तर्राष्ट्रीय षड्यंत्र से लेकर जंगल के सबसे छोटे पक्षी के गिरने तक सभी बातों पर अन्तिम निय...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 68

यीशु परमेश्वर का आमीन है/Jesus Is God’s Amen.

यीशु परमेश्वर का आमीन है। Jesus Is God’s Amen. परमेश्वर की जितनी भी प्रतिज्ञाएँ हैं यीशु में ‘हाँँ’ ही ‘हाँ’ हैं। इसलिए उसके द्वारा हमारी आमीन भी परमेश्वर की महिमा के लिए होती है। (2 कुरिन्थियों 1:20) प्रार्थना वह स्थान है जहाँ भूतकाल और भविष्यकाल हमारे जीवन में बार-बार जुड़ते हैं। मैं यह बात यहाँ इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि पौलुस इस पद में प्रार्थना को परमेश्वर के हाँ के साथ एक अद्भुत रीति से जोड़ता है। 2 कुरिन्थियों 1:20 में, वह कहता है (जटिल यूनानी में जो कि जटिल हिन्दी में दिखता है), “इसीलिए उसके...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 70

जब कुम्हार हमारे पक्ष में हो/When the Potter Is for Us.

जब कुम्हार हमारे पक्ष में हो When the Potter Is for Us. “हाय उस पर जो अपने सृष्टिकर्ता से झगड़ता है‌‌ - वह तो मिट्टी के बरतनों में एक ठीकरा ही है! क्या मिट्टी कुम्हार से कहेगी, ‘तू यह क्या करता है?’ क्या तेरी हस्तकला कहेगी, ‘इसके तो हाथ ही नहीं’ ?” (यशायाह 45:9)। परमेश्वर के महाप्रताप का आवर्धन होता है जब हम उसे एक्स निहिलो (कुछ नहीं में से) सृष्टि के दृष्टिकोण से देखते हैं। वह शून्यता को आज्ञा देता है, और वह आज्ञापालन करता है और वह कुछ बन जाता है। कुछ नहीं से वह मिट्टी को बनाता है, और मिट्टी से ...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 69

जब परमेश्वर 100% हमारे पक्ष में हो जाता है/When God Becomes 100% for Us.

जब परमेश्वर 100% हमारे पक्ष में हो जाता है। When God Becomes 100% for Us. .उन्हीं में हम सब भी पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, शारीरिक तथा मानसिक इच्छाओं को पूरा करते थे, और अन्य लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे (इफिसियों 2:3)। परमेश्वर का सारा प्रकोप, सारी दण्डाज्ञा जिसके हम योग्य हैं, यीशु पर उण्डेल दिया गया था। ख्रीष्ट के द्वारा सिद्ध धार्मिकता के लिए परमेश्वर की सारी मांगें पूरी की गयीं हैं। जिस क्षण हम (अनुग्रह से!) इस बहुमूल्य धन को देखते हैं, और इसी रूप में उसे ...

Jul 15, 20224 minSeason 3Ep. 54

आपसे अत्यन्त प्रेम किया गया है/You Are Greatly Loved.

आपसे अत्यन्त प्रेम किया गया है। You Are Greatly Loved. हम सब भी पहिले [आज्ञा न मानने वालों के साथ] अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, शारीरिक तथा मानसिक इच्छाओं को पूरा करते थे, और अन्य लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे। परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है, अपने उस महान् प्रेम के कारण जिस से उसने हमसे प्रेम किया, जबकि हम अपने अपराधों के कारण मरे हुए थे उसने हमें ख्रीष्ट के साथ जीवित किया—अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है। (इफिसियों 2:3-5) क्या आपको यह सुनना नहीं भाएगा यदि स्व...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 53

अपने हृदय के झरोखों को खोलें/Open the Windows of Your Heart.

अपने हृदय के झरोखों को खोलें Open the Windows of Your Heart. कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती हुई बत्ती को बुझाएगा। (यशायाह 42:3) पिछले कुछ सप्ताह में सम्भवतः सर्वाधिक उत्साहित करने वाले जो शब्द मैंने सुने हैं वे यशायाह 42:1-3 की भविष्यद्वाणी से आते हैं जो इस विषय में हैं कि कैसे यीशु अपनी आत्मिक सामर्थ्य का उपयोग करेगा। क्या आपको कभी प्रतीत होता है कि आप एक “कुचले हुए नरकट” हैं — फूल के उन पौधों के समान जिनके तने को कुचल दिया गया है जिसके कारण फूल भूमि पर गिर जाते हैं और कोई पोषण नह...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 65

हम किस लिए बनाए गए थे/What We Were Made For.

हम किस लिए बनाए गए थे What We Were Made For मसीह भी सब के पापों के लिए एक ही बार मर गया, अर्थात् अधर्मियों के लिए धर्मी जिस से वह हमें परमेश्वर के समीप ले आए। (1 पतरस 3:18) शुभ समाचार — सुसमाचार — की सबसे बड़ी भलाई है स्वयं परमेश्वर के साथ संगति का आनन्द लेना। इसे 1 पतरस 3:18 के इस वाक्यांश में यह स्पष्ट किया गया है “कि वह हमें परमेश्वर के समीप ले आए।” इसीलिए यीशु मरा था। सुसमाचार के अन्य सभी दान इस दान को सम्भव बनाने के लिए पाए जाते हैं। हमें क्षमा किया गया है जिससे कि हमारा दोष बोध हमें परमेश्...

Jul 15, 20222 minSeason 3Ep. 64

आओ हम मेमने को सराहें/Let Us Adore the Lamb.

आओ हम मेमने को सराहें Let Us Adore the Lamb. मैं फूट-फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्तक को खोलने या पढ़ने योग्य कोई न मिला। (प्रकाशितवाक्य 5:4)। क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी प्रार्थनाएँ स्वर्ग की सुगन्ध हैं? जब हम प्रकाशितवाक्य 5 को पढ़ते हैं, हमें यही चित्र मिलता है। यहाँ स्वर्ग के जीवन की एक झलक है। प्रकाशितवाक्य 5 में हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर को सिंहासन पर हाथ में पुस्तक के साथ देखते हैं। पुस्तक पर सात मुहरें थीं। पुस्तक के खोले जाने से पहले उन सब को तोड़ा जाना था। मैं सोचता हूँ कि पुस्तक का खोल...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 67

परमेश्वर आपकी भलाई करने में आनन्दित होता है/God Rejoices to Do You Good.

परमेश्वर आपकी भलाई करने में आनन्दित होता है। God Rejoices to Do You Good. मैं उनके साथ अनन्तकाल की यह वाचा बांधूँगा कि उनकी भलाई करने से कभी न फिरूँगा. . . . . मैं आनन्दपूर्वक उनकी भलाई करूँगा”। (यिर्मयाह 32:40-41) यह परमेश्वर की उन प्रतिज्ञाओं में से एक है जिन पर मैं उस समय बार-बार ध्यान देता हूँ जब मैं निराश होता हूँ। परमेश्वर आपकी भलाई करने में आनन्दित होता है, क्या आप इससे अधिक प्रोत्साहित करने वाले किसी अन्य तथ्य के विषय में विचार कर सकते हैं? वह केवल आपकी भलाई ही नहीं करता है। और न ही केवल...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 61

परमेश्वर भले संकल्पों के द्वारा कार्य करता है/God Works Through Good Resolves.

परमेश्वर भले संकल्पों के द्वारा कार्य करता है। God Works Through Good Resolves. इसी उद्देश्य से हम सर्वदा तुम्हारे लिए प्रार्थना भी करते हैं कि हमारा परमेश्वर तुम्हें अपनी बुलाहट के योग्य समझे तथा भलाई की हर एक इच्छा (संकल्पों) को और विश्वास के हर एक कार्य को सामर्थ्य सहित पूरा करे। (2 थिस्सलुकनीकियों 1:11) भले संकल्पों को पूर्ण करने के लिए परमेश्वर की सामर्थ्य की खोज करने का अर्थ यह नहीं है कि हम वास्तव में संकल्प नहीं करते हैं, या हम वास्तव में इच्छाशक्ति का उपयोग नहीं करते हैं। परमेश्वर की सा...

Jul 15, 20224 minSeason 3Ep. 60

स्वयं को प्रतिज्ञाओं से सुसज्जित करें/Arm Yourself with Promises

स्वयं को प्रतिज्ञाओं से सुसज्जित करें। Arm Yourself with Promises. “धन्य हैं वे जिनके मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।“ (मत्ती 5:8) जब पौलुस “आत्मा के द्वारा” शरीर के कार्यों को नष्ट करने के लिए कहता है (रोमियों 8:13), तो मैं समझता हूँ कि उसका अर्थ है कि हमें आत्मा के अस्त्र-शस्त्र में उस हथियार का उपयोग करना चाहिए जो कि घात करने के लिए उपयोग किया जाता है; अर्थात्, तलवार, “जो परमेश्वर का वचन है” (इफिसियों 6:17)। इसलिए, जब शरीर किसी भय या लालसा के द्वारा किसी पापमय कार्य की ओर जाने व...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 59

हमारी शान्ति कहाँ से आती है/Where Our Comfort Comes From.

हमारी शान्ति कहाँ से आती है। Where Our Comfort Comes From. तब [पिलातुस ने] फिर राजभवन के भीतर जाकर यीशु से कहा, “तू कहाँ का है?” परन्तु यीशु ने उसे कोई उत्तर न दिया। तब पिलातुस ने उस से कहा, “क्या तू मुझ से नहीं बोलेगा? क्या तू नहीं जानता कि तुझे छोड़ देने और क्रूस पर चढ़ाने का भी मुझे अधिकार है?” यीशु ने उत्तर दिया, “यदि तुझे ऊपर से न दिया जाता तो तेरा मुझ पर कोई अधिकार न होता।” (यूहन्ना 19:9-11) यीशु को क्रूस पर चढ़ाने के लिए पिलातुस के अधिकार ने यीशु को भयभीत नहीं किया। क्यों नहीं? इसलिए नहीं क्...

Jul 15, 20224 minSeason 3Ep. 58

धन से प्रेम करने का अर्थ क्या है/What It Means to Love Money.

धन से प्रेम करने का अर्थ क्या है। What It Means to Love Money. धन का लोभ सब प्रकार की बुराईयों की जड़ है। (1 तीमुथियुस 6:10) जब पौलुस ने यह लिखा तो उसका क्या अर्थ था? उसके कहने का अर्थ यह नहीं हो सकता है कि आप जब भी पाप करते हैं तो सदैव धन के विषय में ही सोच रहे होते हैं। क्योंकि अनेकों पाप तब होते हैं जब हम धन के विषय में नहीं सोच रहे होते हैं। मेरे विचार से: पौलुस के लिखने का अर्थ यह था कि संसार की सभी बुराइयाँ एक विशेष प्रकार के हृदय से उत्पन्न होती हैं, अर्थात् ऐसे हृदय से जो धन से प्रेम करत...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 57

अंतत और पूर्णत धर्मी ठहराए गए।

अंतत और पूर्णत धर्मी ठहराए गए। Finally and Totally Justified. परमेश्वर के चुने हुओं पर कौन दोष लगाएगा? परमेश्वर ही है जो धर्मी ठहराता है (रोमियों 8:33)। पौलुस यहाँ कह सकता था कि, “परमेश्वर के चुने हुओं पर कौन दोष लगाएगा?” और फिर उत्तर दे सकता था कि, “कोई नहीं! हम धर्मी ठहराए गए हैं”। यह बात सत्य है। परन्तु उसने ऐसा नहीं कहा। इसके विपरीत उसका उत्तर यह था, “परमेश्वर ही है जो धर्मी ठहराता है।” यहाँ पर जो बल डाला जा रहा है, वह कार्य पर नहीं परन्तु कर्ता पर है। क्यों? क्योंकि कचहरियों (न्यायालयों) और...

Jul 15, 20223 minSeason 3Ep. 56

पुनरुत्थान के मौलिक प्रभाव/Radical Effects of the Resurrection.

पुनरुत्थान के मौलिक प्रभाव Radical Effects of the Resurrection. यदि हमने केवल इसी जीवन में ख्रीष्ट पर आशा रखी है तो हमारी दशा सब मनुष्यों से अधिक दयनीय है। (1 कुरिन्थियों 15:19) पौलुस अपने जीवन में नियमित जोखिम, और प्रतिदिन घात किये जाने, और वन-पशुओं के साथ अपने युद्ध से यह निष्कर्ष निकालता है कि यीशु के पीछे चलने का जो जीवन उसने चुना है वह मूर्खतापूर्ण और दयनीय होगा यदि वह मृतकों में से नहीं जिलाया जाएगा। वह कहता है, यदि मृत्यु इस बात का अन्त होता, “तो आओ, खाएँ और पीएँ, क्योंकि कल तो मरना ही है...

Jul 15, 20224 minSeason 3Ep. 55
For the best experience, listen in Metacast app for iOS or Android