यीशु मिशन को पूरा करेगा। Jesus Will Finish the Mission. “राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा कि सब जातियों पर साक्षी हो, और तब अन्त आ जाएगा”। (मत्ती 24:14) मैं यीशु की इस बात से अधिक प्रेरणादायक मिशनरी (सुसमाचार प्रचार-प्रसार) प्रतिज्ञा को नहीं जानता हूँ। यह नहीं कि: यह सुसमाचार प्रचार किया जाना चाहिए। यह नहीं कि: सम्भवतः यह सुसमाचार प्रचार किया जा सकता है। परन्तु यह कि: यह सुसमाचार प्रचार किया जाएगा। यह एक महान आदेश नहीं है, न ही यह एक महान आज्ञा है। यह एक महान निश्चितता है, एक ...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 73
बलिदान होने वालों के लिए परमेश्वर की योजना God’s Plan for Martyrs उनमें से प्रत्येक को श्वेत चोगा दिया गया, और उनसे कहा गया, “थोड़ी देर तक और विश्राम करो, जब तक कि तुम्हारे संगी दासों और भाईयों की, जो तुम्हारे सदृश वध होने वाले हैं, गिनती पूरी न हो जाए।” (प्रकाशितवाक्य 6:11) लगभग तीन सौ वर्ष तक, ख्रीष्टीयता उस मिट्टी में बढ़ी है जो मिट्टी बलिदान होने वालों के लहू से गीली हुई थी । सम्राट ट्रॉजन (Trajan) के शासनकाल (लगभग 98 ईसवी) तक सताव की अनुमति तो थी किन्तु वह वैधानिक नहीं थी। ट्रॉजन से लेकर डे...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 62
सृष्टि का उद्देश्य The Point of Creation और परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में सृजा। अपने ही स्वरूप में परमेश्वर ने उसको सृजा। उसने नर और नारी करके उनकी सृष्टि की। (उत्पत्ति 1:27) परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में बनाया जिससे कि संसार परमेश्वर को प्रतिबिम्बित करने वाले लोगों से भर जाए। परमेश्वर के अनेकों स्वरूपों से। परमेश्वर की सात अरब प्रतिमाएँ। जिससे कि कोई भी सृष्टि के उद्देश्य को जानने से चूक न जाए। कोई भी (जब तक कि वह पूर्णत: दृष्टिहीन न हो) मानवता के उद्देश्य को देखने से चूक नहीं स...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 66
मैं कब सन्तुष्ट होऊँगा When Will I Be Satisfied? और मैंने तेरा नाम इनको बताया और बताता रहूँगा, कि जिस प्रेम से तू ने मुझ से प्रेम किया वह उनमें रहे, और मैं उनमें।” (यूहन्ना 17:26) कल्पना करें कि आप सर्वदा के लिए अपार और बढ़ती हुई ऊर्जा और लालसा के साथ उस बात का आनन्द लेने में सक्षम हैं जो सर्वाधिक आनन्ददायक है। यह अभी हमारा अनुभव नहीं है। तीन बातें हैं जो इस संसार में हमारी पूर्ण सन्तुष्टि पाने में बाधा बनती हैं। इस संसार में किसी भी वस्तु का इतना व्यक्तिगत मूल्य नहीं है कि वह हमारे हृदयों की सब...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 36
हमारा सेवक, यीशु Our Servant, Jesus. मनुष्य का पुत्र भी अपनी सेवा कराने नहीं वरन् सेवा करने और बहुतों की फिरौती के मूल्य में प्राण देने आया।” (मरकुस 10:45) न केवल वह पृथ्वी पर रहते समय अपने लोगों का सेवक था, किन्तु वह उस समय भी हमारा सेवक होगा जब वह इस संसार में पुनः आएगा। “मैं तुमसे सच सच कहता हूँ कि वह अपनी कमर कसकर उनकी सेवा करेगा और उन्हें भोजन करने बैठाएगा और स्वयं आकर परोसेगा” (लूका 12:37)। यीशु ने इसे एक चित्रण के रूप में हमें दिखाया है कि वह अपने पुनः आगमन पर क्या करेगा। केवल इतना ही नही...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 49
परमेश्वर नम्र मनुष्य का ध्यान रखता है God Regards the Lowly. “अनन्त परमेश्वर शरणस्थान है, और नीचे सनातन भुजाएं हैं”। (व्यवस्थाविवरण 33:27) हो सकता है कि आप अभी ऐसी स्थिति से होकर जा रहे हों जो आपको यीशु और उसके लोगों की किसी बहुमूल्य सेवा हेतु कष्टदायी रूप से तैयार कर रही हो। जब एक मनुष्य अपने जीवन में शून्यता और असहायता की स्थिति में पहुँच जाता है, तो ऐसी स्थिति में वह युगों की चट्टान (यीशु) को पा सकता है। मुझे भजन 138:6 से एक आनन्ददायक वाक्य स्मरण है जिसे हमारा परिवार सवेरे के भोजन के समय भक्त...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 63
समृद्धि का उद्देश्य The Purpose of Prosperity. चोरी करने वाला फिर चोरी न करे, परन्तु भलाई करने वाला अपने हाथों से परिश्रम करे, जिससे कि आवश्यकता में पड़े हुए को देने के लिए उसके पास कुछ हो। (इफिसियों 4:28) भौतिक वस्तुओं के साथ जीवन जीने के लिए तीन स्तर हैं: (1) आप उन्हें पाने के लिए चोरी कर सकते हैं; (2) या आप उन्हें पाने के लिए कार्य कर सकते हैं; (3) या आप दूसरों को देने के उद्देश्य से उन्हें पाने के लिए कार्य सकते हैं। स्वयं को ख्रीष्टीय कहने वाले अधिकाँश लोग दूसरे स्तर के अनुसार जीवन जीते हैं...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 40
परमेश्वर हृदय को खोलता है God Opens the Heart. और लुदिया नाम थुआथीरा नगर की एक स्त्री सुन रही थी। वह बैंजनी वस्त्र बेचने वाली और परमेश्वर की भक्त थी। प्रभु ने उसका मन खोला कि वह पौलुस की बातों पर ध्यान लगाए। (प्रेरितों के काम 16:14) पौलुस ने जहाँ-जहाँ भी प्रचार किया वहाँ पर कुछ लोगों ने विश्वास किया और कुछ ने नहीं किया। हम इस बात को कैसे समझ सकते हैं कि क्यों उनमें से कुछ ने जो अपराधों और पापों में मरे हुए थे (इफिसियों 2:1,5) विश्वास किया और कुछ ने नहीं किया? कुछ लोगों ने विश्वास क्यों नहीं किया...
Jul 14, 2022•4 min•Season 3Ep. 52
असामान्य संकट की घड़ी The Hour of Unusual Threat. यदि ख्रीष्ट के नाम के कारण तुम्हारी निन्दा की जाती है तो तुम धन्य हो, क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम में वास करता है। (1 पतरस 4:14) आज संसार में बहुत सारे ख्रीष्टीय लोग ख्रीष्ट में विश्वास करने के कारण आने वाले प्राण-घातक जोखिम को नहीं जानते हैं। इस प्रकार के सताव से स्वतन्त्र रहने की हमारी प्रवृति हो गयी है। हमें ऐसा प्रतीत होता है कि सब कुछ वैसा ही है जैसा कि उन्हें होना चाहिए। इसलिए, उस संकट के प्रति हमारी प्रथम प्रतिक्रि...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 51
उसकी परिपूर्णता का आनन्द लेना Enjoying His Fullness. उसकी परिपूर्णता में से हम सब ने पाया, अर्थात् अनुग्रह पर अनुग्रह। (यूहन्ना 1:16) पिछले रविवार आराधना सभा के ठीक पहले प्रार्थना करने वाले सन्तों का छोटा समूह, अपने लोगों के विश्वास के लिए, और अपने नगर की कलीसियाओं के लिए, और अन्य राष्ट्रों के लिए प्रार्थना करने में लवलीन था। उसी समय एक व्यक्ति ने यूहन्ना 1:14, 16 के आधार पर प्रार्थना किया। और वचन, जो अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण था, देहधारी हुआ, और हमारे बीच में निवास किया, और हमने उसकी ऐसी मह...
Jul 14, 2022•4 min•Season 3Ep. 50
दासत्व का सर्वोत्तम रूप The Best Form of Slavery. जो दास की दशा में प्रभु में बुलाया गया है वह प्रभु में स्वतन्त्र जन है। इसी प्रकार जो स्वतन्त्रता की दशा में बुलाया गया है वह ख्रीष्ट का दास है। (1 कुरिन्थियों 7:22) मैंने पौलुस से तो यह अपेक्षा की होती कि वह इन दो शब्दों को एक दूसरे के स्थान में उपयोग करेगा। “प्रभु” को जिसका अर्थ स्वामी है, और “ख्रीष्ट” को जिसका अर्थ मसीहा है। वह हमारे स्वतन्त्र किए जाने को यीशु के हमारे स्वामी होने के साथ जोड़ता है (“प्रभु का एक स्वतन्त्र जन”)। और वह हमारी नई द...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 39
बचाने वाला विश्वास सरलता से तृप्त नहीं होता Saving Faith Isn’t Easily Satisfied. यदि वे उस देश के विषय सोचते जिस से वे निकले थे तो उन्हें लौट जाने का अवसर होता। पर वे एक उत्तम अर्थात् स्वर्गिक देश के अभिलाषी हैं। (इब्रानियों 11:15-16) विश्वास उस प्रतिज्ञा किए गए भविष्य को देखता है जिसे परमेश्वर प्रदान करता है और उसकी “अभिलाषा” करता है। “पर वे एक उत्तम अर्थात् स्वर्गिक देश के अभिलाषी हैं।” इस बात पर कुछ समय के लिए ठहर जाएँ। ऐसे बहुत से लोग हैं जो विश्वास को केवल एक ऐसा निर्णय मात्र बना देते हैं ज...
Jul 14, 2022•2 min•Season 3Ep. 38
जब कोई अन्य ख्रीष्टीय आपको चोट पहुँचाता है। When Another Christian Hurts You. उसने स्वयं अपनी ही देह में क्रूस पर हमारे पापों को उठा लिया, जिस से हम पाप के लिए मरें और धार्मिकता के लिए जीवन व्यतीत करें, क्योंकि उसके घावों से तुम स्वस्थ हुए हो। (1 पतरस 2:24) पश्चात्ताप करने वाले ख्रीष्टीय भाइयों और बहनों के विरुद्ध प्रतिशोध की भावना न रखने का आधार क्या है? हमारे विरुद्ध किए गए किसी भयानक अपराध के प्रति हमारा नैतिक आक्रोश केवल इसलिए ही नहीं समाप्त हो जाता है क्योंकि दोषी व्यक्ति एक ख्रीष्टीय है। व...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 37
यहाँ निन्दित, वहाँ पुरस्कृत Reviled Here, Rewarded There. वह उस वृक्ष के समान है जो जल-धराओं के किनारे लगाया गया है, और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुर्झाते नहीं: इसलिए जो कुछ वह मनुष्य करता है वह उसमें सफल होता है। (भजन 1:3) भजन 1:3 में की गई प्रतिज्ञा ख्रीष्ट की ओर कैसे संकेत करती है? वह कहती है कि, “जो कुछ वह करता है, वह सफल होता है।” धर्मी लोग उन सब कार्यों में सफल होते हैं जिन्हें वे करते हैं। क्या यह बुद्धिहीनता है या गहन सत्य है? इस जीवन में ऐसा अवश्य प्रतीत होता है कि दुष्ट ...
Jul 14, 2022•4 min•Season 3Ep. 34
सुसमाचार परमेश्वर प्रसन्नचित्त है। Good News: God Is Happy. .परमधन्य परमेश्वर का महिमामय सुसमाचार . . .(1तीमुथियुस 1:11) यह 1 तीमुथियुस में एक सुन्दर वाक्याँश है, जो बाइबल के प्रचलित शब्दों की चिर-परिचित सतह के नीचे छिपा हुआ है। परन्तु जब आप इस पर ध्यान लगाते हैं, तो वह ऐसा सुनाई देता है: “ प्रसन्नचित्त परमेश्वर की महिमा का सुसमाचार।” यहाँ पर “धन्य” शब्द, वह शब्द नहीं है जिसका अर्थ है “स्तुति हो”, परन्तु वह शब्द है जिसका अर्थ है “प्रसन्नचित्त।” परमेश्वर की महिमा का एक बड़ा भाग उसकी प्रसन्नता है।...
Jul 14, 2022•3 min•Season 3Ep. 33
अन्तिम घड़ी की सफलताएँ Eleventh-hour Breakthroughs हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए तो मुझे स्मरण करना!” (लूका 23:42) एक सबसे बड़ी आशा-घातक बात वह होती है कि आप ने लम्बे समय से परिवर्तित होने का प्रयत्न किया है, परन्तु असफल रहे हैं। आप पीछे मुड़कर देखते हैं और सोचते हैं कि: इससे क्या लाभ होगा? यदि मैं एक सफलता का अनुभव कर भी लेता हूँ, तो मेरे लिए नई रीति से जीवन जीने के लिए इतना कम समय बचेगा कि इतने वर्षों की असफलता की तुलना में इससे कोई अधिक अन्तर नहीं पड़ेगा। वह भूतपूर्व डाकू (यीशु के एक ओर क्...
Jul 14, 2022•4 min•Season 3Ep. 35
पुनरुत्थान पर आश्चर्यचकित होना Amazed at the Resurrection. हे प्रियो, अब यह दूसरा पत्र लिख कर मैं स्मरण दिलाते हुए तुम्हारे सच्चे मन को उभार रहा हूँ। (2 पतरस 3:1) जैसै-जैसे ईस्टर (पुनरुत्थान दिवस) निकट आता है, तो आइए यीशु का पुनरुत्थान हमारे लिए जो अर्थ रखता है उस बात पर हम अपनी कृतज्ञता और आनन्द और सराहना तथा आश्चर्य को उभारें। हमारे पतित स्वभाव का अभिशाप यह है कि जो बात एक बार हमें रोमांचित कर देती है वह धीरे-धीरे सामान्य हो जाती है। वास्तविकता नहीं परिवर्तित हुई है। किन्तु हम परिवर्तित हो गए ...
Jul 13, 2022•3 min•Season 3Ep. 48
ऐसी ठण्ड जो घात करती है The Kind of Cold That Kills. वह पृथ्वी पर अपनी आज्ञा भेजता है; उसका वचन अति वेग से दौड़ता है। (भजन 147:15) आज हमारे रसोईघर के हिमयन्त्र का तापमान मिनियापोलिस में बाहर के तापमान से चालीस डिग्री अधिक होगा। कल का अधिकतम तापमान शून्य से पाँच डिग्री कम होगा। हम इसे प्रभु के हाथों से ग्रहण करते हैं। वह पृथ्वी पर अपनी आज्ञा भेजता है; उसका वचन अति वेग से दौड़ता है। वह ऊन के समान हिम गिराता, और राख के समान पाला बिखेरता है। अपनी बर्फ को वह छोटे-छोटे टुकड़ों में गिराता है; उसकी ठण्ड...
Jul 13, 2022•3 min•Season 3Ep. 47
जब आप अमर होंगे When You Are Immortal. जब दिन हुआ तो यहूदियों ने षड्यन्त्र रचा और यह कह कर शपथ खाई कि जब तक पौलुस को मार न डालें तब तक न तो खाएंगे और न पीएंगे। (प्रेरितों के काम 23:12) उन निरंकुश लोगों के विषय में क्या कहें जिन्होंने पौलुस को मार डालने तक न खाने की शपथ खाई थी? हम उनके विषय में प्रेरितों के काम 23:12 में पढ़ते हैं, “जब दिन हुआ तो यहूदियों ने षड्यन्त्र रचा और यह कह कर शपथ खाई कि जब तक पौलुस को मार न डालें तब तक न तो खाएंगे और न पीएंगे।” परन्तु ऐसा नहीं हुआ। क्यों? क्योंकि उससे पहल...
Jul 13, 2022•3 min•Season 3Ep. 46
परमेश्वर की मधुर योजनाएँ The Sweet Designs of God. उसने मुझे माता के गर्भ ही से नियुक्त किया और अपने अनुग्रह से मुझे बुलाया। (गलातियों 1:15) पौलुस के हृदय परिवर्तन, ख्रीष्ट की सम्प्रभुता और पौलुस के पापों का आपके उद्धार से क्या सम्बन्ध है, इन बातों पर विचार कीजिए। पौलुस ने कहा कि परमेश्वर ने, “मुझे माता के गर्भ ही से नियुक्त किया,” और फिर कई वर्षों के बाद, दमिश्क के मार्ग पर “उसने अपने अनुग्रह से मुझे बुलाया” (गलातियों 1:15)। इसका अर्थ यह है कि पौलुस के जन्म और दमिश्क के मार्ग पर, उसकी बुलाहट के...
Jul 13, 2022•4 min•Season 3Ep. 45
वह सिद्ध नगर The Perfect City. उसने उनके लिए एक नगर तैयार किया है। (इब्रानियों 11:16) कोई प्रदूषण नहीं, दीवारों पर कोई चित्र नहीं, कोई कूड़ा नहीं, और न ही दीवारों पर ऐसा रंग है जिसकी परतें उखड़ रही हों, वहाँ कोई दुर्गन्धमय मोटरघर नहीं, न ही कोई सूखी घास और न ही टूटी हुई बोतलें, सड़क पर होने वाला कोई गाली-गलौज नहीं, आमने-सामने होने वाला कोई टकराव नहीं, और न ही कोई घरेलू हिंसा या संघर्ष, रात में किसी प्रकार का कोई संकट नहीं, न ही कोई आगजनी, न चोरी, न झूठ और न ही कोई हत्या, न कोई बर्बरता, और न ही क...
Jul 13, 2022•2 min•Season 3Ep. 41
पापी इच्छा का कैसे विरोध करें How to Defy Sinful Desire. विश्वास ही से मूसा ने बड़े हो जाने पर फ़िरौन की बेटी का पुत्र कहलाना अस्वीकार कर दिया। उसने पाप के क्षणिक सुख भोगने की अपेक्षा, परमेश्वर की प्रजा के साथ दुख भोगना ही अच्छा समझा। उसने ख्रीष्ट के कारण निन्दित होने को मिस्र के धन के भण्डारों की अपेक्षा बढ़कर समझा, क्योंकि वह प्रतिफल पाने की आस लगाए था। (इब्रानियों 11:24-26) या, यदि इसकी आवश्यक बातों का निचोड़ निकालें तो: “विश्वास ही से मूसा ने. . . पाप के साथ क्षणिक सुख भोगने की अपेक्षा, परमे...
Jul 13, 2022•3 min•Season 3Ep. 44
क्षमा की प्रक्रिया-चक्र The Forgiveness Cycle. हमारे पापों को क्षमा कर, क्योंकि हम भी अपने प्रत्येक अपराधी को क्षमा करते हैं, और हमें परीक्षा में न पड़ने दे।” (लूका 11:4) कौन किसको पहले हो कर क्षमा करता है? एक ओर यीशु कहता है, “हमारे पापों को क्षमा कर, क्योंकि हम भी अपने प्रत्येक अपराधी को क्षमा करते हैं।” (लूका 11:4) दूसरी ओर, पौलुस कहता है, “जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।” (कुलुस्सियों 3:13)
Jul 13, 2022•4 min•Season 3Ep. 30
कलवरी के लिए प्रत्येक पग प्रेम से भरा हुआ था Every Calvary Step Was Love. हम प्रेम को इसी से जानते हैं, कि उसने हमारे लिए अपना प्राण दे दिया। (1 यूहन्ना 3:16) ख्रीष्ट का प्रेम उसकी मृत्यु में हमारे लिए उतना ही सचेत था, जितना कि उसने हमारे लिए साभिप्राय पीड़ा उठायी थी। उसने साभिप्राय अपना प्राण दिया था, और यह उसने केवल हमारे लिए किया था। और यह उसका प्रेम था। “यीशु ने यह जानकर कि मेरी घड़ी आ पहुँची है कि मैं जगत को छोड़ कर पिता के पास जाऊँ, तो अपनों से जो संसार में थे जैसा प्रेम करता आया था उन से ...
Jul 13, 2022•3 min•Season 3Ep. 43
ख्रीष्ट (हमारे) साधन और लक्ष्य के रूप में Christ as Means and End. मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ। अब मैं जीवित नहीं रहा, परन्तु ख्रीष्ट मुझ में जीवित है, और अब मैं जो शरीर में जीवित हूँ, तो केवल उस विश्वास से जीवित हूँ जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिसने मुझ से प्रेम किया और मेरे लिए अपने आप को दे दिया। (गलातियों 2:20) परमेश्वर ने विश्व को क्यों सृजा? और क्यों वह इस प्रकार से इसका संचालन कर रहा है? परमेश्वर क्या उपलब्धि प्राप्त कर रहा है? क्या यीशु ख्रीष्ट इस उपलब्धि-को-प्राप्त करने का स...
Jul 13, 2022•4 min•Season 3Ep. 42
यीशु मरा ताकि हम परमेश्वर का निवास स्थान बन सकें। निर्गमन 35:1-40:38 Jesus died so that we could be God's dwelling place. Exodus 35:1-40:38 #margsatyajeevan #मार्गसत्यजीवन #broharshitsingh #broharshit #luke #bible Full Sermon: https://youtu.be/-H7v9F72YxY https://margsatyajeevan.com/ https://www.instagram.com/margsatyajeevan/ https://www.facebook.com/margsatyajeevann/ https://anchor.fm/margsatyajeevan https://youtu.be/TuY7rhE1Cpo...
Jul 13, 2022•2 min•Season 1Ep. 74
पाँच रीतियों से क्लेश हमारी सहायता करता है। Five Ways Affliction Helps. पीड़ित होने से पहले मैं भटक गया था, परन्तु अब मैं तेरे वचन को जानता हूँ। (भजन 119:67) यह पद हमें बताता है कि परमेश्वर हमें अपना वचन सीखने में सहायता करने हेतु क्लेश को भेजता है। यह कैसे कार्य करता है? क्लेश हमें परमेश्वर के वचन को सीखने और उसका पालन करने में कैसे सहायता करता है? जिस प्रकार इस महान दया के असंख्य अनुभव हैं, उसी प्रकार इसके असंख्य उत्तर भी हैं। परन्तु यहाँ पर पाँच उत्तर दिये गए हैं:...
Jul 13, 2022•3 min•Season 3Ep. 32
आप परमेश्वर को कितनी अच्छी रीति से जानते हैं? How Well Do You Know God? “देख, परमेश्वर महान है, और हमारे ज्ञान से परे है। उसके वर्षों का हिसाब नहीं लगाया जा सकता।” (अय्यूब 36:26) परमेश्वर को अत्याधिक रीति से जानना असम्भव है। जितने भी लोग अस्तित्व में हैं उन सब में वह सबसे महत्वपूर्ण जन है। और ऐसा इसलिए है क्योंकि उसी ने अन्य सभी को सृजा है और उन सबका जो भी महत्व है, उसका कारण परमेश्वर ही है। कोई भी सामर्थ्य, बुद्धि या योग्यता या सुन्दरता जो अन्य प्राणियों के पास है, वह उसी की ओर से आती है। उत्कृ...
Jul 13, 2022•3 min•Season 3Ep. 28
वाचा में जोड़े गए। Included in the Covenant. वहाँ मैं दाऊद का एक सींग उगाऊँगा; मैंने अपने अभिषिक्त के लिए एक दीपक तैयार किया है। उसके शत्रुओं को तो मैं लज्जा का वस्त्र पहनाऊँगा; परन्तु उस पर उसी का मुकुट शोभायमान होगा।” (भजन 132:17-18) परमेश्वर ने दाऊद से जो प्रतिज्ञाएँ की थीं उससे कौन लाभान्वित होगा? यहाँ फिर से भजन 132:17-18 है: “ वहाँ मैं दाऊद का एक सींग उगाऊँगा; मैंने अपने अभिषिक्त के लिए एक दीपक तैयार किया है। उसके शत्रुओं को तो मैं लज्जा का वस्त्र पहनाऊँगा; परन्तु उस पर उसी का मुकुट शोभायम...
Jul 11, 2022•3 min•Season 3Ep. 29
हम विश्वास से जीवित हैं। We Live by Faith. अब मैं जो शरीर में जीवित हूँ, तो केवल उस विश्वास से जीवित हूँ जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिसने मुझ से प्रेम किया और मेरे लिए अपने आप को दे दिया। (गलातियों 2:20) परमेश्वर द्वारा भविष्य में दिये जाने वाले अनुग्रह के साथ विश्वास का एक उत्तम मेल है। यह स्वतन्त्रता और अनुग्रह की सर्व-पर्याप्तता के साथ मेल खाती है। और यह परमेश्वर की महिमामय विश्वासयोग्यता की ओर ध्यान आकर्षित करती है। इस निष्कर्ष के महत्वपूर्ण निहितार्थों में से एक यह है कि वह विश्वास जो धर्म...
Jul 11, 2022•3 min•Season 3Ep. 25