मैं कब सन्तुष्ट होऊँगा/When Will I Be Satisfied? - podcast episode cover

मैं कब सन्तुष्ट होऊँगा/When Will I Be Satisfied?

Jul 14, 20223 minSeason 3Ep. 36
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Episode description

मैं कब सन्तुष्ट होऊँगा 

When Will I Be Satisfied?

और मैंने तेरा नाम इनको बताया और बताता रहूँगा, कि जिस प्रेम से तू ने मुझ से प्रेम किया वह उनमें रहे, और मैं उनमें।” (यूहन्ना 17:26)

कल्पना करें कि आप सर्वदा के लिए अपार और बढ़ती हुई ऊर्जा और लालसा के साथ उस बात का आनन्द लेने में सक्षम हैं जो सर्वाधिक  आनन्ददायक है।

यह अभी हमारा अनुभव नहीं है। तीन बातें हैं जो इस संसार में हमारी पूर्ण सन्तुष्टि पाने में बाधा बनती हैं।

  1. इस संसार में किसी भी वस्तु का इतना व्यक्तिगत मूल्य नहीं है कि वह हमारे हृदयों की सबसे गहरी लालसाओं को पूरा कर सके।
  2. हमारे पास सर्वोत्तम धनसंग्रहों के सर्वाधिक मूल्य तक रसास्वादन करने का सामर्थ्य नहीं है।
  3. यहाँ की वस्तुओं में हमारा आनन्द समाप्त हो जाता है। कुछ भी सर्वदा तक नहीं बना रहता है।

परन्तु यदि यूहन्ना 17:26 में यीशु का लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो यह सब कुछ परिवर्तित हो जाएगा। वह अपने पिता से हमारे विषय में प्रार्थना करता है, “और मैंने तेरा नाम इनको बताया और बताता रहूँगा, कि जिस प्रेम से तू ने मुझ से प्रेम किया वह उनमें रहे, और मैं उनमें।”  परमेश्वर अपने पुत्र से वैसा प्रेम नहीं करता है जैसा वह पापियों से करता है। वह पुत्र से प्रेम करता है क्योंकि पुत्र असीम रूप से प्रेम किये जाने के योग्य है। अर्थात्, वह पुत्र से प्रेम करता है क्योंकि पुत्र असीम रूप से मनोहर है। जिसका अर्थ है कि यह प्रेम पूर्ण रूप से आनन्ददायक है। यीशु प्रार्थना करता है कि हमारा पुत्र में वही आनन्द पाया जाए, जो पिता द्वारा पुत्र में आनन्द पाया जाता है

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