सृष्टि का उद्देश्य/The Point of Creation. - podcast episode cover

सृष्टि का उद्देश्य/The Point of Creation.

Jul 14, 20223 minSeason 3Ep. 66
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सृष्टि का उद्देश्य

The Point of Creation

और परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में सृजा। अपने ही स्वरूप में परमेश्वर ने उसको सृजा। उसने नर और नारी करके उनकी सृष्टि की। (उत्पत्ति 1:27)

परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में बनाया जिससे कि संसार परमेश्वर को प्रतिबिम्बित करने वाले लोगों से भर जाए। परमेश्वर के अनेकों स्वरूपों से। परमेश्वर की सात अरब प्रतिमाएँ। जिससे कि कोई भी सृष्टि के उद्देश्य को जानने से चूक न जाए।

कोई भी (जब तक कि वह पूर्णत: दृष्टिहीन न हो) मानवता के उद्देश्य को देखने से चूक नहीं सकता है, अर्थात्, परमेश्वर —को जानना, प्रेम करना, और परमेश्वर को प्रकट करना। स्वर्गदूत यशायाह 6:3 में पुकारते हैं, “सेनाओं का यहोवा पवित्र, पवित्र, पवित्र है; सम्पूर्ण पृथ्वी उसके तेज से भरपूर हुई है!” यह अरबों स्वरूप धारक मनुष्यों से भरी हुई है। भव्य है किन्तु चौपट है।

किन्तु केवल मनुष्य ही नहीं। वरन् प्रकृति भी! हमारे रहने के लिए इतना विस्मयकारी संसार क्यों है? इतना विशाल जगत क्यों है?

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