लालच तटस्थता से सोचने की अनुमति नहीं देता।
लेने से ज्यादा देने में खुशी मिलती है।

लेने से ज्यादा देने में खुशी मिलती है।
जो निश्चित को छोड़कर अनिश्चित का आश्रय लेते हैं, उनका निश्चित भी नष्ट हो जाता है और अनिश्चित तो लगभग नष्ट के समान ही है॥
जो अपनी इच्छाओं को नियंत्रित रखते हैं और उन्हें सत्कर्मो का रूप देते हैं उन्हीं को चरित्रवान कहा जा सकता है।
व्यक्ति का चरित्र उसके स्वभाव के बारे में कई खुलासे करता है।
लड़ने से मत डरो।
किसी भी तरह का संकट आने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
ज्ञान सफलता और खुशी का स्तंभ है।
शत्रु की गतिविधियों को कभी अनेदखा नहीं करना चाहिए।
चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य को अपने मन को सभी विकारों से मुक्त कर लेना चाहिए।
विदेश नीति ऐसी होनी चाहिए जिससे राष्ट्र का हित सबसे ऊपर हो, देश शक्तिशाली हो, उसकी सीमाएं और साधन बढ़ें, शत्रु कमजोर हो और प्रजा की भलाई हो।
राजा वही होता है जो राज्य में न्याय,अहिंसा और प्रेम की स्थापना करें।
हमारे जीवन में हमें कब हानि होगी और कब लाभ होगा ,कब किसकी मृत्यु होगी, यह कोई नहीं जानता।
किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए नेतृत्व क्षमता एक आनवार्य गुण है।
बच्चों को जरुरत पड़ने पर दण्डित करें, ज्यादा लाड ना करें।
जीवन मे मूल तौर पर दो ही पहलु होते हैं एक सफलता और दूसरा असफलता।
जब व्यक्ति गलत आचरण करने लगता है, एसे कार्यों को करने लगता है, जो श्रेष्ठ और उत्तम नहीं माने जाते हैं तब उसका पतन आरंभ हो जाता है।
चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को आदर सम्मान तभी प्राप्त होता है जब वो श्रेष्ठ कार्यों को करता है।
प्यार करना बुरा नहीं है, लेकिन अंधा प्यार करना बेवकूफी है।
अहंकार तभी उत्पन्न होता है जब गुणों का स्वामी यह भूल जाता है कि प्रशंसा वास्तव में उसकी नहीं बल्कि उसके गुणों की हो रही है।
जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज की अधिकता मनुष्य के मन में सबसे पहले घमंड लेकर आती है।
एक बुद्धिमान इंसान हर वो चीज करता है, हर वो पैंतरा आजमाता है जिसकी वजह से वह किसी लड़ाई-झगड़े या किसी द्वंद में ना पड़े।
दुष्ट या लालची व्यक्ति दूसरों की उन्नति देखकर जलता है।
झूठ आपको कुछ पल के लिए सुख दे सकता है लेकिन पोल खुलते ही आपका जीवन बर्बाद भी कर सकता है।
भगवान भी उसी का साथ देता है जो पुरुषार्थी होता है।
समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता।
क्षमा कर देना, माफ कर देना बहुत बड़ी क्षमता का परिचायक होता है।
जो गुजर गया उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतिंत होना चाहिए।
कोयल तब तक मौन रहकर दिनों को बिताती है, जब तक कि उसकी मधुर वाणी नहीं फूट पड़ती।
कोई इंसान कितना भी बुरा हो लेकिन अगर आप अपनी अच्छाइयां नहीं छोड़ते हैं तो कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
जिंदगी में कोई भी चीज स्थायी नहीं है