Chanakya Niti - podcast cover

Chanakya Niti

Kiran Chavdapodcasters.spotify.com
Chanakya's wise words on how to live life to its full potential.
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Episodes

धैर्य किसी व्यक्ति में इतना होना चाहिए कि वह अपने नजदीक ही अपना निंदक रखने का साहस कर सके।

सफलता की इच्छा रखने वालों को अपने कार्य को साधने के लिए दुर्जनों को भी अपने बर्ताव से जीतने की आदत डाल लेनी चाहिए।

Aug 08, 20228 minEp. 99

कान्तावियोगः स्वजनापमानं ऋणस्य शेषं कुनृपस्य सेवा ।

यूं तो जीवन में कई प्रकार के कष्ट आते हैं जो दुखदाई होते हैं, लेकिन कुछ खास ऐसे कारण हैं जिनके पीछे हर कोई दुख और खेद प्रकट करता है I

Jul 29, 20226 minEp. 96

ऐसी चीजें जो व्यक्ति को अंदर ही अंदर मार देती हैं I

आचार्य चाणक्य के मुताबिक, पत्नी वियोग के अलावा अपने ही लोगों से बेइज्जत होना, बचा हुआ ऋण, दुष्ट राजा की सेवा करना, गरीबी एवं दरिद्रों की सभा करना आदि अंदर से मर जाने के बराबर है I

Jul 22, 20225 minEp. 94

भवन्ति किल सागराः । सागरा भेदमिच्छन्ति प्रलयेऽपि न साधवः ॥

अर्थात :जब प्रलय का समय आता है तो समुद्र भी अपनी मर्यादा छोड़कर किनारों को छोड़ अथवा तोड़ जाते है, लेकिन सज्जन पुरुष प्रलय के सामान भयंकर आपत्ति अवं विपत्ति में भी आपनी मर्यादा नहीं बदलते I

Jun 29, 20225 minEp. 88

अनृतं साहसं माया मूर्खत्वमतिलोभिता। अशौचत्वं निर्दयत्वं स्त्रीणां दोषा: स्वभावजा:।।

किसी भी चीज़ का जब अन्वेषण किया जाता है, तो उसकी बाहुल्यता देखी जाती है। यहाँ स्त्रियों के दोष को आचार्य चाणक्य ने स्वाभाविक दोष कहा है, अवश्यम्भावी नहीं।

Jun 07, 20226 minEp. 81

यत्रोदकं तत्र वसन्ति हंसाः तथैव शुष्कं परिवर्जयन्ति। न हंसतुल्येन नरेण भाव्यं पुनः त्यजन्ते पुनः आश्रयन्ते।

अर्थात : जहाँ जल रहता है, वहाँ हंस रहते हैं। जब जल सूख जाता है, तब उस स्थान को हंस त्याग देते हैं। मनुष्य को हंस की तरह नही होना चाहिए, क्योंकि जिसका आश्रय छोड़ा जाता है, उसी का आश्रय लेना पड़ सकता है।

May 30, 20225 minEp. 79
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