गुप्त ही रखें अपनी ये बातें
कहने पर उठाना पड़ सकता है नुकसान

कहने पर उठाना पड़ सकता है नुकसान
यदि आप इन बातों को सहन करते हैं तो यह आपकी छवि खराब कर सकती हैं I
सम्मान करेंगे तो हर स्त्री की पसंद बनेंगे
जो लोग अपने रिश्तों की अहमियत को समझते हैं, वही जिंदगी में एक बेहतर इंसान बनते हैं।
काम को टालते रहने की आदत कई बार हमारे लिए और साथ दूसरों के लिए भी मुसीबत बन जाती है।
ऐसी वाणी बोलिये, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होय।।
सफलता की इच्छा रखने वालों को अपने कार्य को साधने के लिए दुर्जनों को भी अपने बर्ताव से जीतने की आदत डाल लेनी चाहिए।
जब आप अपने धन को किसी दूसरे व्यक्ति के हवाले कर देते हैं तो आपका जीना मुश्किल हो सकता है।
विद्या है सबसे बड़ा गुप्त धन॥
यूं तो जीवन में कई प्रकार के कष्ट आते हैं जो दुखदाई होते हैं, लेकिन कुछ खास ऐसे कारण हैं जिनके पीछे हर कोई दुख और खेद प्रकट करता है I
अगर कभी आपका अपमान हो जाए, तब आप अपनी पत्नी को इसके बारे में ना बताएं...
आचार्य चाणक्य के मुताबिक, पत्नी वियोग के अलावा अपने ही लोगों से बेइज्जत होना, बचा हुआ ऋण, दुष्ट राजा की सेवा करना, गरीबी एवं दरिद्रों की सभा करना आदि अंदर से मर जाने के बराबर है I
आचार्य का मानना था कि इंसान की कुछ आदतें माता लक्ष्मी को नाराज कर देती हैं I
अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं, तो खुद को गधे की तरह बना लें I
पति पत्नी दोनों को ही अपने बीच की बातों को खुद तक ही सीमित रखना चाहिए I
आपको भी जीवन में वो सब मिलेगा जो आप डिजर्व करते हैं, बस आपको थोड़ा सब्र रखना होगा I
जो पुरुष पराई स्त्री पर नजर नहीं रखता वह सर्वोत्तम है।
अर्थात :जब प्रलय का समय आता है तो समुद्र भी अपनी मर्यादा छोड़कर किनारों को छोड़ अथवा तोड़ जाते है, लेकिन सज्जन पुरुष प्रलय के सामान भयंकर आपत्ति अवं विपत्ति में भी आपनी मर्यादा नहीं बदलते I
हर काम से डरने वाला व्यक्ति जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता है I
अगर आपने किसी से पैसा लिया है तो उसे जल्द से जल्द क्लियर करें और अगर कोई आपसे पैसे लेता है तो अपना पैसा वापस मांगने में कभी संकोच न करें I
कई लोग ऐसा कहते हुए सुने जाते हैं कि एक बार कार्य शुरू हो जाए तो फिर यह किसी भी तरह पूरा हो ही जाएगा।
अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुमारी, वृद्ध और शिशु को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए I PART : 3
अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुमारी, वृद्ध और शिशु को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए I PART : 2
अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुमारी, वृद्ध और शिशु को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए I PART : 1
किसी भी चीज़ का जब अन्वेषण किया जाता है, तो उसकी बाहुल्यता देखी जाती है। यहाँ स्त्रियों के दोष को आचार्य चाणक्य ने स्वाभाविक दोष कहा है, अवश्यम्भावी नहीं।
सफलता पाने वाले को इस दुर्गुन से दूर रहना छाहिये I
अर्थात : जहाँ जल रहता है, वहाँ हंस रहते हैं। जब जल सूख जाता है, तब उस स्थान को हंस त्याग देते हैं। मनुष्य को हंस की तरह नही होना चाहिए, क्योंकि जिसका आश्रय छोड़ा जाता है, उसी का आश्रय लेना पड़ सकता है।
अर्थात:जो व्यक्ति जिस कार्य में निपुण हो, उसे वही कार्य सौंपना चाहिए।
किसी से मिलते वक़्त पहली बार का व्यवहार कैसा होना चाहिए I
किसी भी व्यक्ति की सफलता में इस बात का काफी योगदान होता है कि उसकी अपनी क्षमता कितनी है और उसने अपनी क्षमता का इस्तेमाल किस तरह से किया है।