Padhaku Nitin - podcast cover

Padhaku Nitin

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Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein.

कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है?

भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.
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Episodes

प्राचीन अयोध्या की सिटी प्लानिंग, पेरू से कनेक्शन और अनसुने क़िस्से: पढ़ाकू नितिन, Ep 129

अयोध्या को देखने का सबका अपना नज़रिया है. कुछ लोग इसे इतिहास मानते हैं तो कुछ ऐसा मिथक जो रामायण से शुरू हुआ. बावजूद इसके ये सच है कि अयोध्या नाम का शहर सैकड़ों साल से मौजूद है अपने बदलते नामों के साथ और उस भूगोल के भी जिसका विवरण पुराणों में मिलता है. वाल्मीकि कृत रामायण में तो अयोध्या पर जो बारीक जानकारियाँ मिलती हैं वो हैरतनाक हैं. आज के पढ़ाकू नितिन में 'अमेज़िंग अयोध्या' की लेखिका नीना राय से जानेंगे त्रेताकालीन अयोध्या की कहानी. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के न...

Jan 04, 20241 hr 11 min

कोठों से लेकर सल्तनत तक चलानेवाली तवायफों की कहानी: पढ़ाकू नितिन, Ep 128

तवायफों को हमने फिल्मों में देखा है, उनके बारे में उपन्यासों से जाना है. होना ये चाहिए था कि दौलत और रुतबा रखनेवाली इन तवायफों को इतिहास में तवज्जो मिलती लेकिन मिला तिरस्कार. हिंदुस्तान की मशहूर तवायफों के क़िस्से आज 'पढ़ाकू नितिन' में सुनेंगे एकता कुमार से जिन्होंने तवायफों पर किताब भी लिखी है. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Dec 28, 202354 min

ख़राब अंग्रेज़ी पर जिसका मज़ाक उड़ा उसने लंदन विवि में कैसे चुनाव जीत लिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 127

जहां चाह वहां राह. ये मुहावरा सही साबित किया बुलंदशहर के सुशांत सिंह ने. दलित परिवार के बेटे सुशांत ने गरीबी और मार्गदर्शन के अभाव से लड़ते हुए लंदन यूनिवर्सिटी में ना सिर्फ कानून की पढ़ाई की बल्कि दो दो बार छात्रसंघ चुनाव जीता. सुशांत बाबासाहेब अंबेडकर को अपनी प्रेरणा मानते हैं और हर सवाल का जवाब उनके जीवन में खोजते हैं. 'पढ़ाकू नितिन' में सुशांत के सफ़र के ज़रिए सुनिए ब्रिटेन में स्टूडेंट पॉलिटिक्स की कमाल कहानियां. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं....

Dec 21, 202353 min

लोहिया वक्त से आगे के नेता क्यों थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 126

राम मनोहर लोहिया हिंदुस्तानी सियासत के सबसे आकर्षक नेताओं में एक रहे हैं. उनकी राजनीतिक सोच समझ से प्रेरित होकर बहुत सारे नेताओं और दलों ने अपनी पारी खेली. लोहिया ने आज़ादी के पहले जितने जूझकर लड़ाई लड़ी, उतनी ही बड़ी लड़ाई आज़ादी के बाद संसद में लोकतंत्र के लिए लड़ी. उनके जीवन में कलर्स की कोई कमी नहीं. ज़िद्दी थे, स्वच्छंद भी, जुझारू और ज़बरदस्त बौद्धिक भी. आज उन्हीं लोहिया के जीवन से ढेरों दिलचस्प पहलू खोलने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में पधारे हैं पत्रकार और लेखक अरविंद मोहन. Disclaimer:...

Dec 14, 20231 hr 35 min

नेहरू ने इंदिरा गांधी को बढ़ाया तो शास्त्री क्यों ख़ामोश रहे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 125

इंदिरा गांधी ने देश पर सोलह साल शासन किया. उनके हिस्से तारीफ और आलोचना दोनों आईं. इमरजेंसी वाला मामला उन पर मौत के बाद भी हावी रहा लेकिन इसके अलावा भी उनके दामन पर कई तरह के दाग रहे. लेखक विष्णु शर्मा की किताब “इंदिरा फाइल्स” 50 आरोप लगाती है, 'पढ़ाकू नितिन' पॉडकास्ट के इस एपिसोड में सुनिए उनसे दिलचस्प बातचीत. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Dec 07, 20231 hr 6 min

सावरकर ने भारतीय संविधान में 'हिंदू राष्ट्र' की मांग क्यों नहीं की?: पढ़ाकू नितिन, Ep 124

संविधान लागू हुए 75 साल होने जा रहे हैं. जितनी इसकी तारीफ होती है उतनी ही आलोचना भी. आलोचना के कई बिंदुओं में एक है इसके अंदर ब्रिटिश उपनिवेशवादी काल के कानूनों का होना. क्या केवल इस वजह से इसे 'Colonial Constitution' कहा जा सकता है? क़ानून के जानकार और लेखक अर्घ्य सेनगुप्ता ऐसा ना केवल मानते हैं बल्कि किताब इसी नाम से लिखी है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में उनकी दलील सुनिए. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Nov 30, 202357 min

IAS अफसरों ने वोट करके बताया उनमें कौन सबसे करप्ट, फिर क्या हुआ?: पढ़ाकू नितिन, Ep 123

करीब 30 साल पहले एक अनोखा चुनाव हुआ. देश के सारे IAS अफसरों ने मिलकर अपने बीच से 3 सबसे करप्ट अफसरों को चुना. ऐसा इलेक्शन ना पहले देखा गया था और ना उसके बाद कभी हुआ. लेकिन इसका होना आसान नहीं था.. मगर फिर भी हुआ. उसके बाद हालात और मुश्किल बन गए. क्यों ये चुनाव हुए, जिनका नाम आया वो कौन थे, क्या उन पर कभी कोई एक्शन हुआ.. 'पढ़ाकू नितिन' में ये कहानी सुनाने आए हैं यूपी के कई ज़िलों के डीएम रहे, सीएम ऑफिस में बड़ी बड़ी ज़िम्मेदारियां निभानेवाले और केंद्र सरकार को भी सेवा देते रहे पूर्व आईएएस विजय शं...

Nov 23, 20231 hr 12 min

कहीं जलाना, कहीं दफ़नाना, टावर पर छोड़ देना..अंतिम विदाई के ये तरीक़े क्या कहते हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 122

मौत शाश्वत सत्य है. इंसान जिस शरीर के ज़रिए इस दुनिया के हर कामकाज निपटाता है उसे एक दिन छोड़कर जाना पड़ता है. इस काया का निपटान भी अलग अलग तरीके से होता रहा है. हर धर्म, इलाके, संस्कृति का अपना तरीका है जो कई बार हैरान करता है तो कई दफे सोचने को मजबूर. इस बार पढ़ाकू नितिन में 'अंतिम संस्कार' जैसे टॉपिक पर बैठकी जमी डॉ मिनाक्षी दीवान से. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Nov 16, 20231 hr 12 min

निठारी कांड वाले सुरेंद्र कोली के लिए फंदा तैयार था फिर वो बचा कैसे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 121

निठारी कांड डेढ़ दशक पहले भले हुआ हो लेकिन कोई उसे अब तक नहीं भूला. बच्चों की गुमशुदगी और हत्या से आगे उनके निर्जीव शरीर को खा जाने की जघन्य वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया था. अब लंबे ट्रायल के बाद उस केस के दोनों आरोपी बरी हो गए हैं. सवाल है कि जब सारा केस एकदम सीधा था फिर कैसे आरोपियों को सज़ा नहीं मिली, साथ ही जानिए कि एक बार फांसी का फंदा तैयार था मगर सुरेंद्र कोली कैसे बच गया? पढ़ाकू नितिन में पूरी कहानी सुना रहे हैं मशहूर सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट शम्स ताहिर खान. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व...

Nov 09, 202359 min

एंकरिंग में नायाब रिकॉर्ड दर्ज करानेवाले सईद अंसारी के हाथ पांव कब फूले?: पढ़ाकू नितिन, Ep 120

टीवी पर न्यूज़ हर कोई देखता है और इस न्यूज़ को आप तक पहुंचाते हैं प्रेजेंटर या एंकर. अपनी आवाज़ और अंदाज़ से हर न्यूज़ को रोचक बनाने वाले इन एंकरों की दुनिया कैसी होती है, जितनी आसानी से ये न्यूज़ आपतक पहुंचाते हैं, क्या इसका प्रोसेस भी इतना ही आसान होता है, किस तरह की चुनौतियों से दो-चार होना पड़ता है इन्हें, इन सब पर बात बात करने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में हमने बुलाया न्यूज़ एंकरिंग की दुनिया की जानी-मानी हस्ती सईद अंसारी को. इस पॉडकास्ट में उनसे कई प्रोफेशनल और पर्सनल सवाल किए गए और बड़ी बे...

Nov 02, 20231 hr 59 min

फांसी से पहले कसाब की आंखों में पछतावे की कहानी: पढ़ाकू नितिन, Ep 119

IPS अफसर को जीवन में भले सुख सुविधाओं की कमी ना हो लेकिन चैलेंज भी भरपूर हैं. अगर अफसर महिला हो तो चुनौतियों दोगुनी हो जाती हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में मिलिए मीरां चड्ढा बोरवनकर से जो महाराष्ट्र की पहली महिला एसपी और कमिश्नर रहीं. उन्होंने क्राइम ब्रांच से लेकर प्रदेश के जेलों तक की ज़िम्मेदारी संभाली, वो भी ऐसे वक्त में जब आतंकी कसाब और याकूब मेमन की फांसी हुई. उनके करियर में खूब दिलचस्प घटनाएं घटी हैं और वही 'पढ़ाकू नितिन' के इस पॉडकास्ट में सुनिएगा. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए ग...

Oct 26, 20231 hr 5 min

बिहार की पॉलिटिक्स 35 सालों में कैसे बदल गई?: पढ़ाकू नितिन, Ep 118

बिहार हमारे देश की प्राचीन सभ्यता का बड़ा गढ़ रहा है, इस नाते राजनीति का भी. लोकतांत्रिक राजनीति में भी इस सूबे ने हमेशा झंडे गाड़े. देश को एक से बढ़कर एक नेता दिए, यहीं आंदोलनों की फसल लहलहाई, राजनीतिक मॉडलों से परिचय कराया. इस पॉडकास्ट में बिहार की पॉलिटिक्स को दशकों से कवर कर रहे पत्रकार और लेखक संतोष सिंह के साथ हमने बिहार के साढ़े तीन दशकों की यात्रा पर चलने का प्रयास किया है. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Oct 19, 20231 hr 34 min

इज़रायल-फ़िलिस्तीन के झगड़े में कौन छिपकर खेल रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 117

दुनिया में हमेशा कहीं ना कहीं जंग चलती रहती है. ग़ाज़ा के ईर्द गिर्द तो ये रुटीन है. 35 एकड़ के अल अक्सा कॉम्प्लेक्स के लिए सैकड़ों साल से जूझ रहे तीन धर्मों का संघर्ष अब जियोपॉलिटिक्स की बड़ी गुत्थी बन गया है. इज़रायल-फ़िलिस्तीन की खींचतान का रेशा रेशा इस पॉडकास्ट में खोला गया है. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार मेहमान हैं जेएनयू में इंटरनेशनल अफ़ेयर्स पढ़ानेवाले और इज़रायल होकर आए असिस्टेंट प्रोफेसर अमिताभ सिंह. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Oct 12, 20232 hr 8 min

सिखों ने विभाजन से पहले मुस्लिम लीग की जगह कांग्रेस को क्यों चुना?: पढ़ाकू नितिन, Ep 116

सिखों के दसवें गुरू गोबिंद सिंह के बाद सिख साम्राज्य की स्थापना भी हुई और पतन भी. अंग्रेज़ों का दौर सिख समाज ने देखा और विभाजन भी. उसके बाद अलग सूबा बनाने का संघर्ष चला, फिर खालिस्तान आंदोलन का दंश भी झेला. सिखों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात इस पॉडकास्ट से समझिए. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में मेहमान हैं सिख इतिहास पर कई किताब लिखनेवाले अमृतसर की गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Oct 05, 20231 hr 46 min

अकबर की मौत के बाद मुगलों ने सिखों से दुश्मनी क्यों ठान ली?: पढ़ाकू नितिन, Ep 115

दुनिया में ढाई करोड़ से ज़्यादा सिख हैं लेकिन उनका इतिहास कम लोग जानते हैं. इस इतिहास में धर्म के साथ त्याग, साहस, ईर्ष्या, साज़िश, प्रतिशोध सब कुछ है. एक धार्मिक समुदाय से राजनीतिक ताकत बनने की यात्रा भी है. दस गुरूओं की शानदार पंरपरा वाले सिखों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात इस पॉडकास्ट से समझिए. 'पढ़ाकू नितिन' के इस ऐपीसोड में मेहमान हैं सिख इतिहास पर दशकों तक लिखनेवालीं पंजाब यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एमिरेटस इंदु बंगा. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं....

Sep 28, 20231 hr 56 min

कव्वाली को 750 सालों बाद भी कौन ज़िंदा रखे हुए है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 114

कव्वाली संगीत का सिर्फ एक फॉर्म नहीं बल्कि उससे बढ़कर विधा है. सैकड़ों सालों की यात्रा करके ये हम तक पहुंची. ख़ानकाहों और दरगाहों के आंगन में पली बढ़ी कव्वाली ने फ़िल्मों तक में जादू बिखेरा है. इस कला में ऐसा क्या है जो इसे आज तक ज़िंदा रखे है, 'पढ़ाकू नितिन' में बता रहे हैं सिकंदराबाद घराने के देश-विदेश में मशहूर कव्वाल यूसुफ खान निज़ामी. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Sep 21, 20231 hr 12 min

पाकिस्तानी एटम बम में Pablo Escobar का पैसा लगा था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 113

अगर आपसे कहा जाए कि पाकिस्तान के परमाणु बम में कोलंबिया के सबसे बड़े ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार का पैसा लगा है तो आपको यकीन होगा? क्या आप यकीन करेंगे कि पाकिस्तान ने दुनिया का सबसे बदनाम बैंक खड़ा किया था? क्या आपको मालूम है कि पाकिस्तानी परमाणु बम के शुरूआती परीक्षण चीन में हुए थे? और किसकी हत्या की साज़िश रचने के लिए लादेन की नवाज़ शरीफ से मीटिंग हुई थी? इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में खुलासों की पूरी सीरीज़ है. मेहमान हैं मशहूर डॉक्यूमेंट्री मेकर और लेखक इक़बाल चंद मल्होत्रा. Disclaimer: इस पॉडकास...

Sep 14, 20231 hr 15 min

ट्रंप की मसखरी और ज़िनपिंग की डांट, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के दिलचस्प किस्से: पढ़ाकू नितिन, Ep 112

बड़े बड़े अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में बड़े बड़े क़िस्से होते रहते हैं. आजकल G-20 का शोर चल रहा है तो किस्से इसके भी हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में हमने दावत दी है अंतर्राष्ट्रीय मामलों के एक्सपर्ट प्रकाश के रे को. इस एपिसोड में उनसे सुनेंगे G-20 की ज़रूरत, कमियों, उपलब्धियों की कहानी लेकिन साथ ही ऐसे दिलचस्प किस्से भी जो आपको हैरान करेंगे और हंसाएंगे भी. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Sep 07, 20231 hr 7 min

टाटा और टैगोर का शिपिंग बिज़नेस अंग्रेज़ों ने कैसे चौपट किया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 111

अंग्रेज़ों ने हिंदुस्तान में बिज़नेस करने की नीयत से कब्ज़ा किया था. फिर व्यापार करने लगे तो ऐसे करने लगे कि भारतीयों की सब राह रोक दी. शिपिंग का बिज़नेस भी ऐसा ही था जहां गोरों ने तय कर लिया कि किसी हिंदुस्तानी को टिकने नहीं देंगे. टैगोर से लेकर टाटा तक ने कोशिशें कीं मगर अंग्रेज़ों ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया पर फिर भी संघर्ष करते भारतीयों ने कैसे इस डॉमिनेंस को तोड़ा, ये कहानी सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में सुशांत भारती से जिन्होंने इस टॉपिक पर किताब भी लिखी है.

Aug 31, 20231 hr 11 min

खोई हुई नदियों को खोज निकालना क्यों ज़रूरी है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 110

नदियों से जीवन है. दुनिया की सारी बड़ी सभ्यताएं नदी किनारे पैदा हुईं, मगर हमने नदियों के साथ क्या किया? या तो अपने इग्नोरेंस से उन्हें खत्म कर दिया या फिर उन्हें प्रदूषण से बीमार करके खुद दूर हो गए. नदियों की ज़रूरत अभी हमें ठीक से समझ नहीं आ रही, जबकि कोशिश होनी चाहिए पुरानी नदियों को जिला लेने की. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार मिलिए रिवर मैन ऑफ इंडिया रमन कांत त्यागी को. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Aug 24, 20231 hr 11 min

दलेर मेहंदी की किस ज़िद पर अमिताभ बच्चन हैरान रह गए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 109

नब्बे के दशक में दलेर मेहंदी ने पंजाबी गीत संगीत को वो उठान दी कि उनका नाम देश विदेश में फैल गया. इंडी पॉप के वो सबसे चमकते सितारे थे. दशक भर तक उन्होंने अपनी एलबम्स के ज़रिए राज किया और फिर फिल्मी गीत भी गाए. उनकी कंट्रोवर्सीज़ से मुठभेड़ हम सभी ने देखी है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में दलेर मेहंदी के सफर और संघर्ष पर बड़ा खुलकर बात हुई. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Aug 17, 20231 hr 4 min

इस्लाम के दक़ियानूसी हिस्सों की सर्जरी कौन करेगा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 108

इस्लाम 1400 साल पुराना मज़हब है. धारणा ये है कि जो इस्लाम में पहले कहा गया वही आज तक चला आ रहा है, जबकि ये पूरा सच नहीं.'इज़्तिहाद' नाम की टर्म को अगर आप डीकोड करने चलें तो एक ऐसी राह से रूबरू होंगे जो मुसलमानों को इंडिपेंडेंट थिंकिंग की तरफ ले जाती है. हमने 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार यही टॉपिक छेड़ा है, और हमारे मेहमान हैं साइंस एंड मॉर्डन पॉलिटिकल हिस्ट्री के इतिहासकार सैयद इरफ़ान हबीब. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Aug 10, 20231 hr 22 min

चांद पर कैसी दिखेंगी इंसानी बस्तियां?: पढ़ाकू नितिन, Ep 107

चांद मामा भी है और महबूब भी, दुनिया के लिए मिशन भी. कभी पांव रखना जहां मुश्किल था आज वहां इंसानों की आवाजाही है. उसे दूसरी धरती बनाने की कोशिश है. लोगों में चांद को लेकर सवाल हैं, उत्सुकता है और ढेरों महत्वाकांक्षाएं भी. 'पढ़ाकू नितिन' में आजतक रेडियो के साइंस रिपोर्टर रिचीक मिश्रा ने चांद को लेकर ढेरों सवालों के जवाब दिए हैं. सुनकर बताइए कैसा लगा. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Aug 03, 20231 hr 26 min

मणिपुर में हर घर हथियार के लिए ज़िम्मेदार कौन?: पढ़ाकू नितिन, Ep 106

मणिपुर लंबे वक्त तक एक डिस्टर्ब स्टेट रहा. कारण भले अलग हों मगर आज भी है. हालिया कॉन्फ्लिक्ट की कई परतें हैं और सभी को एक एक कर उघाड़ने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर कौशिक डेका.

Jul 27, 202353 min

JNU की वो दुनिया देखिए जिसे आप नहीं जानते: पढ़ाकू नितिन, Ep 105

देश में कुछ ही कॉलेज-यूनिवर्सिटी हैं जिनकी चर्चा खूब होती है. JNU इन्हीं में से एक है. इसके कैंपस में ना विवादों की कमी है ना कहानियों की. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं जेएनयू से दो दशकों तक जुड़े रहे और अब अमेरिका में पढ़ रहे जे सुशील. उनसे सुनिए इस यूनिवर्सिटी से जुड़े किस्से कहानी और यादें. Opening music credit: Dub Sharma Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Jul 20, 20231 hr 44 min

यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड वो सपना है जो कभी पूरा हो नहीं सकता?: पढ़ाकू नितिन, Ep 104

कॉमन सिविल कोड का शोर पुराना है इसलिए ये विवाद सदाबहार है. संविधान बनाने वालों ने चाहा था कि ये आए, सत्तारूढ़ दल चाह रहा है कि आए, ज़्यादातर लोग चाह रहे हैं कि आ ही जाए मगर ये लागू होती क्यों नहीं? इस सवाल का जवाब 'पढ़ाकू नितिन' में देने आईं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में लीगल हिस्ट्री पढ़ानेवालीं डॉ सौम्या सक्सेना. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Jul 13, 20231 hr 24 min

अंडरवर्ल्ड के वो राज़ जिन पर कोई बात नहीं करता: पढ़ाकू नितिन, Ep 103

अंडरवर्ल्ड के तौर तरीके अब बदल चुके हैं, चेहरे भी और तेवर भी. नए गैंगस्टर अपने साथ नए रंग ढंग लाए हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में डेढ़ दशकों से क्राइम रिपोर्टिंग करते रहे अरविंद ओझा से सुनेंगे छोटा शकील से लेकर गोल्डी बरार तक से उनके इंटरव्यू के क़िस्से और अपराध की दुनिया से जुड़े वो सच भी जो आपको हर कोई नहीं बताएगा. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Jul 06, 20231 hr 16 min

गीता प्रेस के महात्मा गांधी से रिश्ते क्यों बिगड़ गए थे?: पढ़ाकू नितिन, EP 102

गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार का एलान होते ही हंगामा बरपा है. जितने लोग सम्मान देने के पक्ष में हैं, उतने ही विरोध में. 'पढ़ाकू नितिन' में गीता प्रेस के इतिहास, गांधी से रिश्ते, भारतीय जनमानस के निर्माण में उसके रोल पर बात की गई है. बात करने के लिए इस बार मेहमान थे अक्षय मुकुल जिन्होंने गीता प्रेस पर कई साल पहले एक शानदार शोधपरक किताब लिखी है जिसकी चर्चा अक्सर होती रहती है. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Jun 29, 20231 hr 18 min

नागराज, ध्रुव, डोगा, भोकाल अब कहां हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 101

हमारे बचपन के दोस्त सिर्फ रिंकू, चिंटू, पिंकू नहीं थे बल्कि नागराज, ध्रुव, डोगा, भोकाल भी थे. गर्मी की छुट्टियों में इनकी संगत खूब होती थी और स्कूल खुलते तो पीछे की बेंच पर छिपकर मुलाकाते चलतीं. ये दोस्त अब दिखते नहीं या कम दिखते हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में राज कॉमिक्स के को प्रोड्यूसर संजय गुप्ता आ रहे हैं और अपने साथ ला रहे हैं इन सुपरहीरोज़ की दुनिया.

Jun 22, 20231 hr 21 min

गिटार वालों में कितनी ज़रूरी है छटपटाहट?: पढ़ाकू नितिन, Ep 100 Feat. Rabbi Shergill

पढ़ाकू नितिन सौवें ऐपीसोड के पड़ाव तक आ पहुंचा है. अब मौका ख़ास था तो मेहमान को ख़ास होना ही था. हमने पुकारा सिंगर और म्यूज़िशियन रब्बी शेरगिल को. पढ़ाकू नितिन में रब्बी ने दिल्ली, दिल, गीत, हवा, AI, दोस्तों से लेकर दुनिया जहान की बातें छेड़ीं. आइए इस छोटी सी सैर पर निकलें. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

Jun 15, 20232 hr 48 min
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