Padhaku Nitin - podcast cover

Padhaku Nitin

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Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein.

कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है?

भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.
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Episodes

Vinod Rai से सुनिए Indian Cricket किसकी पॉलिटिक्स से त्रस्त था: पढ़ाकू नितिन, Ep 39

विनोद राय का नाम पहली बार देश ने 2G मामले में सुना था. फिर उनका नाम सुर्खियों में आया जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर BCCI की कमान संभाली. 33 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के अंदरखाने का बहुत कुछ देखा-समझा और अब उस पर किताब लिख दी है. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ विनोद राय शामिल हुए और ढेरों सवाल पर इत्मीनान से बोले.

Apr 14, 20221 hr 34 min

Pakistan में भुट्टो- शरीफ-इमरान आए लेकिन Democracy क्यों नहीं आती है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 38

पाकिस्तान की सत्ता में चाहे भुट्टो आएं, शरीफ आएं या इमरान खान लेकिन फ़र्क़ ज़्यादा नहीं पड़ता. ये देश डेमोक्रेसी को तरसता ही रहता है. फौज और फॉरेन ताकतें इसके लोकतंत्र को खाती रहती हैं मगर दीमक कई तरफ से लगी है, उन्हें ही पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ टटोल रहे हैं इंटरनेशनल अफेयर्स के आला जानकार प्रकाश के रे.

Apr 07, 20221 hr 20 min

‘तेल इतना महंगा क्यों है’, जानिए उस पत्रकार से जिसने 27 साल तक इसका जवाब खोजा: पढ़ाकू नितिन, Ep 37

तेल का खेल समझना आसान नहीं क्योंकि तेल निकलता कहीं है.. उससे पेट्रोल डीज़ल बनता कहीं है.. बिकता कहीं और है.. लेकिन इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ सरलता से समझेंगे इस खेल को सीनियर पत्रकार ऋचा मिश्रा से जिन्होंने 27 सालों तक इसी सवाल का पीछा किया कि तेल इतना महंगा क्यों है?

Mar 31, 20221 hr 7 min

चुनावों के ऐसे-ऐसे अतरंगी क़िस्से जो आपने सुने नहीं होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 36

चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा हैं और भारत के मामले में महापर्व. हमारे देश में कहीं ना कहीं चुनाव चलता ही रहता है. इन्हीं चुनावों में ढेरों कहानियां बनती हैं. ऐसी ही कहानियों को अपनी किताब में पिरोया है सीनियर जर्नलिस्ट अनिल माहेश्वरी ने.. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में सुनिए और आनंद लीजिए.

Mar 24, 20221 hr 35 min

Delhi में घूमे, खाए, रहे होंगे लेकिन ऐसे क़िस्से नहीं सुने होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 35

दिल्ली में चौक और सराय हैं तो प्लेस और एनक्लेव भी. इस बहुरंगी शहर की ढेरों कहानियां हैं. जिनमें कई इलाकों के नाम बनने और उनके मिटने की भी हैं. शर्तिया आपने सुनी नहीं होंगी. पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ पत्रकार और घुमक्कड़ अद्रिजा रॉयचौधरी ने जमकर वो क़िस्से बांचे जो आपको एक बार तो सुनने ही चाहिए.

Mar 17, 20221 hr 31 min

कौटिल्य अगर आज होते तो पुतिन, बाइडेन, मोदी को क्या सलाह देते?: पढ़ाकू नितिन, Ep 34

कौटिल्य जिन्हें आचार्य चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने सदियों पहले एक किताब लिखी. नाम था- अर्थशास्त्र. ये इकोनॉमिक्स के बारे में नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति बनाने के बारे में है. खूब चर्चित है और विवादित भी. किसी ने इसे भले ना पढ़ा हो लेकिन सुना ज़रूर होगा. वैसे कौटिल्य हों या अर्थशास्त्र दोनों के बारे में अनेक मत हैं.. तो आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में Kautilya’s Arthshastra किताब लिखने वालीं साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मेधा बिष्ट से बात करेंगे और जानेंगे कि यदि आज आचार्य होते तो जंग मे...

Mar 10, 20221 hr 24 min

Ukraine- Russia संकट में उलझे देशों की Inside Story: पढ़ाकू नितिन, Ep 33

यूक्रेन और रूस आज जिस झगड़े में पड़े हैं उसकी बहुत वजहें हैं. रूस और यूक्रेन की अंदरूनी राजनीति से लेकर नेटो का साम्राज्यवाद भी, अमेरिका की एक ख़ास समझ से लेकर लुकाशेंको की एक पुरानी चाह भी. आज इन सारे पहलुओं को 'पढ़ाकू नितिन' में समझिए जहां नितिन ठाकुर संग बैठकी जमी है इंटरनेशनल अफेयर्स एक्सपर्ट प्रकाश के रे की.

Mar 03, 20221 hr 56 min

रूस को 'सुपर पावर' बनाने के लिए पुतिन के दिमाग में क्या चल रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 32

यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़कर रूस अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है. इस मामले में किसी भी देश को दखल न देने की चेतवानी देने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पूरी दुनिया में चरित्र चित्रण हो रहा है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में इस बार पुतिन की शख़्सियत और चाहत पर चर्चा हुई है. इस बातचीत में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में Centre for Russian and Central Asian Studies के Associate Professor राजन कुमार. इस पॉडकास्ट में सुनिए: - क्या पुतिन रूस के सबसे शक्...

Feb 24, 20221 hr 14 min

रूस- यूक्रेन विवाद में असल विलेन कौन है, पुतिन, बाइडेन या कोई तीसरा? : पढ़ाकू नितिन, Ep 31

यूक्रेन हमें दूर बसा देश लगता था लेकिन आज उसकी हर खबर जानने के लिए लोग उत्सुक हैं. लग रहा है मानो वो मोहल्ले का ही कोई घर है जहां बस जंग छिड़ने को है. दुनिया में डर फैला है कि जाने कब रूस की सेना यूक्रेन में घुस जाए! भारत के यूक्रेन से गहरे रिश्ते हैं; हज़ारों छात्र वहां हर साल पढ़ने जाते हैं, व्यापारिक रिश्ते भी फल फूल रहे हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में बात करेंगे जेएनयू में असोसिएट प्रोफेसर अमिताभ सिंह से और उन छात्रों से भी जो यूक्रेन में अभी तक मौजूद हैं. जानेंगे कैसा है यूक्रेन का माह...

Feb 17, 20221 hr 1 min

साल में एक बार अस्पताल जाएं तो हम कैसे बचा सकते हैं 12 हज़ार ज़िंदगी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 30

क्या आपको पता है कि अगर आप साल में एक दिन अस्पताल जाएं तो 12 हज़ार लोगों की जान बचा सकते हैं. दिल्ली के किरण वर्मा भारत की पैदल यात्रा इसी मकसद से कर रहे हैं ताकि लोगों में ये जागरुकता फैला सकें. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में किरण ने नितिन ठाकुर को बताया कि वो किस मक़सद से घर छोड़कर निकले हैं और क्यों हमें उनकी बात ध्यान से सुननी चाहिए.

Feb 10, 202252 min

Nehru ने फ्री स्पीच को नियंत्रित करने के लिए पहला संविधान संशोधन किया था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 29

भारत का संविधान जितना बड़ा है उतनी ही दिलचस्प कहानी इसके बनने की है. यहां तक कि पहले संशोधन से जुड़े किस्से भी बेहद रोचक हैं. लोग हैरान होते हैं कि इतनी मेहनत के बाद बने संविधान में क्या ऐसा रह गया था कि संसद को 16 महीनों बाद उसमें संशोधन करना पड़ा. आरोप लगते हैं कि शायद नेहरू संविधान लागू होने के बाद फ्रीडम ऑफ स्पीच को सीमित करना चाहते थे, वहीं ये भी कहा जाता है कि आम लोगों को राहत देने की राह में सरकार ने संशोधन किए थे. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ इतिहासकार त्रिपुरदमन सिंह ...

Feb 03, 20221 hr 13 min

नेहरू की विदेश नीति की आलोचना के बावजूद उसे अपनाने को मजबूर क्यों एस जयशंकर?: पढ़ाकू नितिन, Ep 28

एस जयशंकर आला डिप्लोमेट और ताकतवर विदेशमंत्री हैं. उन्होंने पद संभालने के बाद दुनिया की चुनौतियों और भारत की रणनीति पर एक किताब लिखी. कई बातें इशारों में भी कहीं. इस किताब को लेकर चर्चा इसलिए ज़्यादा है क्योंकि मंत्री रहते हुए कम ही नेता खुलकर फॉरेन पॉलिसी पर बोलते हैं. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ बैठे अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल अफेयर्स पढ़ानेवाले प्रो मुक्तदर खान जो एक यूट्यूब चैनल 'खानवर्सेशन' भी चलाते हैं. बात हुई कि जयशंकर का दुनिय...

Jan 27, 20221 hr 14 min

कश्मीर के झगड़े और नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर ऐसे खुलासे आपने सुने नहीं होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 27

कश्मीर के झगड़े की वो कहानी सुनिए जो आपने शर्तिया कहीं सुनी नहीं होगी. ये भी जानिए कि सोवियत और ब्रिटेन के झगड़े में अविभाजित भारत के साथ खेल कैसे हो गया. और ये भी कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद नेताजी सुभाष कहां थे. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ खुलासों की बैठकी कर रहे हैं “डार्क सीक्रेट्स” के लेखक इक़बाल चंद मल्होत्रा.

Jan 20, 20221 hr 15 min

नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी की ज़िंदगी के अनसुने क़िस्से: पढ़ाकू नितिन, Ep 26

क्या आपको मालूम है नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की पहली लड़ाई जाति के खिलाफ थी? और उस लड़ाई में उन्हें अपना उपनाम छोड़ देना पड़ा. ऐसा बहुत कुछ है जो हम 'बचपन बचाओ आंदोलन' के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी के बारे में नहीं जानते. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार शामिल हुए हैं कैलाश जी. पूरा पॉडकास्ट सुनिए क्योंकि यहां उन्होंने बचपन, संघर्ष, कामयाबी, सपनों, मोहब्बत पर हर बात बड़ी बेबाकी से कही है.

Jan 13, 20221 hr 10 min

सारे काम पुलिस को सौंपकर सरकारों ने गड़बड़ कर दी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 25

पुलिस वालों पर करप्शन, कस्टडी में हत्या, एनकाउंटर से लेकर जाने कौन कौन से आरोप लगते रहते हैं. फिर भी ना सरकारों का और ना पब्लिक का काम पुलिस के बिना चलता है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए इंदौर ATS के एसपी रुपेश कुमार द्विवेदी. उनसे सुनिए पुलिस वालों की चुनौतियां और परेशानियां. इस Podcast में सुनिए: - अंग्रेज़ों के ज़माने से अब तक कितनी बदली पुलिस? - पुलिस में सुधार की ज़रूरत है तो सुधारते क्यों नहीं? - पुलिस में करप्शन की प्रॉब्लम इतनी तगड़ी क्यों है? - पुलिसवा...

Jan 06, 20221 hr 6 min

Malgudi Days, Byomkesh Bakshi वाला दौर पसंद है तो दूरदर्शन के ये अनसुने क़िस्से ज़रूर सुनिए: पढ़ाकू नितिन, Ep 24

आप अगर उसी जनरेशन के हैं जो नब्बे के दशक में होश संभाल रही थी तो शक्तिमान, ब्योमकेश बख्शी, मालगुडी डेज़ को भूले थोड़े ही होंगे. कभी आपके दिल में सवाल भी उठा होगा कि कौन लोग हैं जो ऐसे दिलकश प्रोग्राम बना रहे हैं. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं प्रो अरूप चटर्जी जिनका नब्बे के दशक की एडवरटाइज़िंग पर ज़बरदस्त शोध है और साथ में राजशेखर व्यास जिन्होंने चालीस साल तक दूरदर्शन की यात्रा को ना सिर्फ जिया बल्कि उसे दिशा दी. तो आज की मज़ेदार बैठकी में ऐसे अनसुने क़िस्सों का आनंद लीजिए ...

Dec 30, 20211 hr 43 min

जन्म से मिले जेंडर के साथ मिसफिट महसूस हो तो क्या करें?: पढ़ाकू नितिन, Ep 23

गे-लेस्बियन्स के बारे में क्या जानते हैं आप? किसी ट्रांसजेंडर्स से कभी कोई बात की है? कभी कोई किन्नर दोस्त बना है आपका? अगर सभी बातों का जवाब निगेटिव है तो ये ‘पढ़ाकू नितिन’ पॉडकास्ट आपके लिए ही है. LGBTQ समुदाय हमेशा से हमारे आसपास रहा है लेकिन हम अजीब ढंग से अनजान बने रहते हैं. वजह है संकोच, पूर्वाग्रह, डर या उपेक्षा का भाव. इस बार नितिन ठाकुर की बैठकी ट्रांसजेंडर फीमेल रुद्राणी छेत्री के साथ जमी. रुद्राणी के खाते में संघर्ष से लेकर उपलब्धियों तक बहुत कुछ है. फिल्में, मॉडलिंग एजेंसी और मित्र ट...

Dec 23, 202159 min

किताबों के सैकड़ों पन्नों से अपने काम की चीज़ कैसे निकाली जाए? : पढ़ाकू नितिन, Ep 22

किताबें तो करोड़ों हैं लेकिन पढ़ने के लिए चुनी कौन सी जाए? कब कौन सी पढ़नी चाहिए? ढेर में अपने लिए कौन सी बेस्ट रहेगी? किताबों के रसिया लोग इन सवालों से भले न जूझते हों मगर बहुतों के मन में ऊहापोह बनी रहती है. फिर वो जहां-तहां सजेशन और रिकमेंडेशन खोजते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में लेखक, घुमक्कड़, कलाकार, पढ़ाकू जे सुशील अमेरिका से जुड़े हैं. फिलहाल तो साहित्य में पीएचडी भी कर रहे हैं. नितिन ठाकुर के साथ जमी इस बैठकी में उन्होंने देसी से लेकर विदेशी किताबों पर जो रंग जमाया है वो सुनकर आनं...

Dec 16, 20211 hr 54 min

China के डर से USA हर हाल में भारत का साथ देने को मजबूर?: पढ़ाकू नितिन, Ep 21

अमेरिका अपनी लाख चुनौतियों के बावजूद आज भी दुनिया में खेल के नियम तय करता है. पहले सोवियत यूनियन और अब चीन से उसे भले टक्कर मिल रही है लेकिन उसका प्रभुत्व कायम है. भारत के लिए इनमें से अपना साथी चुनना अहम इसलिए बन गया है क्योंकि उसे दुनिया में अपनी जगह कायम करनी है और पड़ोसी पाकिस्तान-चीन का सामना करना है. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मुक्तदर खान ने डिप्लोमेसी की पहेलियों को सुलझाने में मदद की. इतिहास नहीं बल्कि भविष्य पर भी बहुत कुछ कहा. इसमें ...

Dec 09, 20211 hr 45 min

बादशाहों के दरबार से निकली 'किस्सागोई' की दिलचस्प कहानी : पढ़ाकू नितिन, Ep 20

एक दौर था जब दास्तानगो शहर- शहर कहानी, किस्सों, दास्तान के खज़ाने लुटाया करते थे. लोग उन्हें घेरे रहते. कहानी कहने का उनका स्टाइल दिल में उतर जाया करता था. वक्त बदला और ये विधा फीकी पड़ती गई. दास्तानगोई खुद दास्तान बन गई. ये दिलचस्प कला कहां से भारत आई, कैसे यहां हिट हुई और क्यों फिर भुला दी गई आज पढ़ाकू नितिन में यही जानेंगे. इस सफर पर निकलेंगे तो कई कहानियां सुनने को मिलेंगी. नितिन ठाकुर के साथ बैठकी में हैं हिमांशु वाजपेयी जो देश-विदेश के जाने माने किस्सागो हैं. लखनऊ के दीवाने ये साहब अपने प्...

Dec 02, 20211 hr 36 min

राष्ट्र-देश में अंतर क्या है और राष्ट्रवाद कितने काम की चीज़?: पढ़ाकू नितिन, Ep 19

राष्ट्रवाद यानि नेशनलिज़्म पर दशकों से बहस चल रही है. सबके लिए इसके मायने अलग हैं. दौर के हिसाब से भी और देश के हिसाब से भी. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ प्रियदर्शन शामिल हैं. कई किताबों के लेखक और पॉलिटिकल-सोशल- कल्चरल मसलों पर लिखनेवाले प्रियदर्शन ने जवाब दिया कि राष्ट्रवाद क्या है, कितनी तरह का है, भारत का राष्ट्रवाद पश्चिम से अलग कैसे, इसका फायदा-नुकसान क्या और इसकी नियति क्या होगी? इस पॉडकास्ट में सुनिए - - राष्ट्र और देश में क्या फर्क है - राष्ट्र और राष्ट्रवाद पैदा ...

Nov 25, 20211 hr 19 min

जवाहर लाल नेहरू से जुड़ी हर अफ़वाह की चीर फाड़ : पढ़ाकू नितिन, Ep 18

जितने लोग नेहरू के फैन हैं उतने ही उनसे नफरत करनेवाले भी हैं. आज़ादी के तुरंत बाद देश की बागडोर संभालनेवाले इस नेता पर आज भी बहस जारी है. ये बहस राजनीतिक मंचों से लेकर चौक-चौराहों और सोशल मीडिया के ठीयों तक पर गरम रहती है. जाने कितने ऐसे सवाल हैं जिनमें आधा सच आधा झूठ छिपा है. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में नितिन ठाकुर ने न्यौता है पीयूष बबेले को जिन्होंने ‘नेहरू - मिथक और सत्य’ नाम की किताब लिखी है और नेहरू से जुड़ी हर अफवाह की चीर फाड़ की.

Nov 18, 20211 hr 40 min

संस्कृत सबसे प्राचीन होकर भी कभी प्रचलित क्यों नहीं हो सकी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 17

अक्सर ये बहस गर्म रहती है कि दुनिया की पहली भाषा कौन सी है? इसका कोई एक जवाब नहीं मगर हम भारतीयों ने माना कि इसका जवाब संस्कृत है. संस्कृत को बाकी भाषाओं की जननी भी कहा गया. पढ़ाकू नितिन में इस बार की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं हेमंत राजोपाध्ये जो जर्मनी से संस्कृत में पीएचडी कर चुके हैं, साथ ही देशी विदेशी यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ाते हैं. उनसे जानेंगे कि संस्कृत का इतिहास क्या है, कौन इस भाषा का इस्तेमाल करता था और क्या ये भाषा आर्यों की भारत आक्रमण थ्योरी को सुलझा पाती है?

Nov 11, 20211 hr 9 min

लंदन की भव्य इमारतों के पीछे दहेज में मिले मुंबई का हाथ था? : पढ़ाकू नितिन, Ep 16

लंदन हमेशा भारतीयों के लिए अहम रहा. कोई इससे प्यार करता रहा तो कोई नफरत. वजह ऐतिहासिक है. वहां रहनेवालों ने हम पर सदियों तक शासन किया था. इसी बीच भारतीयों ने भी उनके शहर में जड़ें जमाईं. बहुत कुछ उसे दिया, काफी कुछ लिया. इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ ‘Indians in London’ के लेखक अरूप के चटर्जी हैं. वो बता रहे हैं कि क्यों लंदन को लेकर भारतीयों के दिल में खास जगह है, इस शहर में भारतीयों की कहानी कैसे शुरू हुई, कैसे आग मे जल जाने के बाद लंदन के फिर खड़ा होने में भारत का हाथ रह...

Nov 04, 20211 hr 56 min

गांधी और गोडसे में कौन बड़ा हिंदू था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 15

कहा जाता है कि बाइबिल के बाद सबसे ज़्यादा प्रकाशित होनेवाली किताबें गांधी के बारे में हैं. 73 साल बाद उनके जीवन और मौत दोनों की परतें बार-बार उघाड़ी जाती हैं. खासकर 30 जनवरी 1948 को की गई उनकी हत्या के कारणों और तरीकों पर लगातार किताबें आई हैं. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में नितिन ठाकुर ने इतिहास पर किताबें लिखनेवाले अशोक कुमार पांडेय से बात की है. उनसे कई बातें जानने की कोशिश की. जैसे गांधी की हत्या करने के पीछे गोडसे ने जो तर्क दिए वो कितने मज़बूत थे. भारत विभाजन में गांधी की भूमिका क्या थी, क्य...

Oct 28, 20211 hr 15 min

सनौली की खुदाई में मिली औरतों की लाशों के पांव कटे हुए क्यों थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 14

बागपत के सनौली में चार हज़ार साल पुराना एक कब्रिस्तान मिला. खुदाई हुई तो तलवारों, ढालों, भालों, गहनों का अंबार लग गया. फिर मिले तीन रथ. पुरुषों के साथ महिलाओं की पांव कटे कंकाल. 2005 और 2018 की खुदाई में पुरातत्व विभाग ने यहां से जो कुछ हासिल किया उसने दुनिया में बहस छेड़ दी. इतिहास के जानकार टकराने लगे. नए जवाबों और नए सवालों ने संभावना पैदा कर दी है कि शायद तारीख फिर से लिखी जाएगी. ढेर सारी जिज्ञासा के साथ इस बार ‘पढ़ाकू नितिन’ में नितिन ठाकुर ने बैठकी जमाई सनौली की खुदाई करनेवाले ASI के जॉइंट...

Oct 21, 20211 hr 26 min

वोटर को कनविंस करने में अपनी विरोधी पार्टियों से बेहतर क्यों है बीजेपी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 13

मोदी सरकार की दूसरी ईनिंग के ढाई साल पूरे हो चुके हैं. अभी ढाई बाकी हैं. हर विधानसभा चुनाव को लोकसभा चुनाव के लिटमस टेस्ट की तरह देखा जाता है. किसे ही मालूम है कि ढाई सालों में क्या क्या होगा और फाइनली इलेक्शन किन मुद्दों पर लड़ा जाएगा. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ इस बार हैं गौतम चिंतामणि. कई किताबों के लेखक गौतम ने The Midway Battle नाम की किताब लिखी है जिसमें सरकार की उन चुनौतियों का ज़िक्र है जो ढाई सालों में आनेवाली हैं.

Oct 14, 20211 hr 31 min

जिसने जलियांवाला बाग के कसाई को अपनी आंखों से देखा : पढ़ाकू नितिन, Ep 12

आज से 102 साल पहले जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने निहत्थे लोगों का बेरहमी से खून बहाया था, जिसके बाद उन्हें अमृतसर का कसाई कहा जाने लगा. वो दर्दनाक मंज़र अपनी आँखों से एक लड़के ने देखा था. बाद में उसने आपबीती लिखी भी जिसे अंग्रेज़ों ने बैन कर दिया. उसके वंशजों ने सौ साल बाद वो आपबीती खोज निकाली. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में जलियांवाला बाग के उसी खूनी दिन की बात हुई है. वो दिन अहम है क्योंकि उसने गांधी और भगत का नज़रिया बदल डाला था. पॉडकास्ट में बात हुई है कि उस दौर में शहर का माहौल कैसा था, अंग...

Oct 07, 20211 hr 3 min

क्या भगत सिंह सावरकर को अपना आदर्श मानते थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 11

शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम सब जानते हैं, काम भी सबको पता है लेकिन ख्यालों के समंदर में डुबकी मारने से बचते हैं. वो उन चुनिंदा विचारक क्रांतिकारियों में हैं जिनकी पूजा सहजता से हो जाएगी लेकिन उतना ही मुश्किल उनके विचारों को लागू करना है. करीब सौ साल बीत गए हैं पर उनका लिखा और बोला हुआ अब भी धुंधलके में है. आज उससे काफी हद तक परत हटाने की कोशिश पढ़ाकू नितिन में हुई है. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए हैं भगत सिंह पर शोध करने के लिए मशहूर प्रोफेसर चमन लाल. दर्जनों किताब लिखने के साथ प्रोफेसर...

Sep 30, 20211 hr 36 min

भारत के शानदार Indie Pop Music की हत्या किसने की: पढ़ाकू नितिन Feat. पलाश सेन, Ep 10

नब्बे के दशक में बहुत कुछ बदला. हिंदुस्तान में म्यूज़िक की तस्वीर भी बदली. टीवी स्क्रीन्स पर एक से एक म्यूज़िक बैंड और सोलो आर्टिस्ट दिखे. उस दौर को इंडी पॉप का गोल्डन पीरियड कहा गया. आज भी नब्बे का दौर लोगों के दिल से गुज़रा नहीं लेकिन सवाल ये है कि बीस साल पहले म्यूज़िक इंडस्ट्री पर राज करनेवाले तमाम चेहरे अब कहां गए? उस इंडी पॉप म्यूज़िक को किसने गायब कर दिया? क्या दुनिया भर में सोलो ऑर्टिस्ट्स के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है? इन्हीं सवालों पर बैठकी करने के लिए आज के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठ...

Sep 23, 20211 hr 27 min
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