विनोद राय का नाम पहली बार देश ने 2G मामले में सुना था. फिर उनका नाम सुर्खियों में आया जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर BCCI की कमान संभाली. 33 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के अंदरखाने का बहुत कुछ देखा-समझा और अब उस पर किताब लिख दी है. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ विनोद राय शामिल हुए और ढेरों सवाल पर इत्मीनान से बोले.
Apr 14, 2022•1 hr 34 min
पाकिस्तान की सत्ता में चाहे भुट्टो आएं, शरीफ आएं या इमरान खान लेकिन फ़र्क़ ज़्यादा नहीं पड़ता. ये देश डेमोक्रेसी को तरसता ही रहता है. फौज और फॉरेन ताकतें इसके लोकतंत्र को खाती रहती हैं मगर दीमक कई तरफ से लगी है, उन्हें ही पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ टटोल रहे हैं इंटरनेशनल अफेयर्स के आला जानकार प्रकाश के रे.
Apr 07, 2022•1 hr 20 min
तेल का खेल समझना आसान नहीं क्योंकि तेल निकलता कहीं है.. उससे पेट्रोल डीज़ल बनता कहीं है.. बिकता कहीं और है.. लेकिन इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ सरलता से समझेंगे इस खेल को सीनियर पत्रकार ऋचा मिश्रा से जिन्होंने 27 सालों तक इसी सवाल का पीछा किया कि तेल इतना महंगा क्यों है?
Mar 31, 2022•1 hr 7 min
चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा हैं और भारत के मामले में महापर्व. हमारे देश में कहीं ना कहीं चुनाव चलता ही रहता है. इन्हीं चुनावों में ढेरों कहानियां बनती हैं. ऐसी ही कहानियों को अपनी किताब में पिरोया है सीनियर जर्नलिस्ट अनिल माहेश्वरी ने.. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में सुनिए और आनंद लीजिए.
Mar 24, 2022•1 hr 35 min
दिल्ली में चौक और सराय हैं तो प्लेस और एनक्लेव भी. इस बहुरंगी शहर की ढेरों कहानियां हैं. जिनमें कई इलाकों के नाम बनने और उनके मिटने की भी हैं. शर्तिया आपने सुनी नहीं होंगी. पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ पत्रकार और घुमक्कड़ अद्रिजा रॉयचौधरी ने जमकर वो क़िस्से बांचे जो आपको एक बार तो सुनने ही चाहिए.
Mar 17, 2022•1 hr 31 min
कौटिल्य जिन्हें आचार्य चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने सदियों पहले एक किताब लिखी. नाम था- अर्थशास्त्र. ये इकोनॉमिक्स के बारे में नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति बनाने के बारे में है. खूब चर्चित है और विवादित भी. किसी ने इसे भले ना पढ़ा हो लेकिन सुना ज़रूर होगा. वैसे कौटिल्य हों या अर्थशास्त्र दोनों के बारे में अनेक मत हैं.. तो आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में Kautilya’s Arthshastra किताब लिखने वालीं साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मेधा बिष्ट से बात करेंगे और जानेंगे कि यदि आज आचार्य होते तो जंग मे...
Mar 10, 2022•1 hr 24 min
यूक्रेन और रूस आज जिस झगड़े में पड़े हैं उसकी बहुत वजहें हैं. रूस और यूक्रेन की अंदरूनी राजनीति से लेकर नेटो का साम्राज्यवाद भी, अमेरिका की एक ख़ास समझ से लेकर लुकाशेंको की एक पुरानी चाह भी. आज इन सारे पहलुओं को 'पढ़ाकू नितिन' में समझिए जहां नितिन ठाकुर संग बैठकी जमी है इंटरनेशनल अफेयर्स एक्सपर्ट प्रकाश के रे की.
Mar 03, 2022•1 hr 56 min
यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़कर रूस अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है. इस मामले में किसी भी देश को दखल न देने की चेतवानी देने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पूरी दुनिया में चरित्र चित्रण हो रहा है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में इस बार पुतिन की शख़्सियत और चाहत पर चर्चा हुई है. इस बातचीत में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में Centre for Russian and Central Asian Studies के Associate Professor राजन कुमार. इस पॉडकास्ट में सुनिए: - क्या पुतिन रूस के सबसे शक्...
Feb 24, 2022•1 hr 14 min
यूक्रेन हमें दूर बसा देश लगता था लेकिन आज उसकी हर खबर जानने के लिए लोग उत्सुक हैं. लग रहा है मानो वो मोहल्ले का ही कोई घर है जहां बस जंग छिड़ने को है. दुनिया में डर फैला है कि जाने कब रूस की सेना यूक्रेन में घुस जाए! भारत के यूक्रेन से गहरे रिश्ते हैं; हज़ारों छात्र वहां हर साल पढ़ने जाते हैं, व्यापारिक रिश्ते भी फल फूल रहे हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में बात करेंगे जेएनयू में असोसिएट प्रोफेसर अमिताभ सिंह से और उन छात्रों से भी जो यूक्रेन में अभी तक मौजूद हैं. जानेंगे कैसा है यूक्रेन का माह...
Feb 17, 2022•1 hr 1 min
क्या आपको पता है कि अगर आप साल में एक दिन अस्पताल जाएं तो 12 हज़ार लोगों की जान बचा सकते हैं. दिल्ली के किरण वर्मा भारत की पैदल यात्रा इसी मकसद से कर रहे हैं ताकि लोगों में ये जागरुकता फैला सकें. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में किरण ने नितिन ठाकुर को बताया कि वो किस मक़सद से घर छोड़कर निकले हैं और क्यों हमें उनकी बात ध्यान से सुननी चाहिए.
Feb 10, 2022•52 min
भारत का संविधान जितना बड़ा है उतनी ही दिलचस्प कहानी इसके बनने की है. यहां तक कि पहले संशोधन से जुड़े किस्से भी बेहद रोचक हैं. लोग हैरान होते हैं कि इतनी मेहनत के बाद बने संविधान में क्या ऐसा रह गया था कि संसद को 16 महीनों बाद उसमें संशोधन करना पड़ा. आरोप लगते हैं कि शायद नेहरू संविधान लागू होने के बाद फ्रीडम ऑफ स्पीच को सीमित करना चाहते थे, वहीं ये भी कहा जाता है कि आम लोगों को राहत देने की राह में सरकार ने संशोधन किए थे. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ इतिहासकार त्रिपुरदमन सिंह ...
Feb 03, 2022•1 hr 13 min
एस जयशंकर आला डिप्लोमेट और ताकतवर विदेशमंत्री हैं. उन्होंने पद संभालने के बाद दुनिया की चुनौतियों और भारत की रणनीति पर एक किताब लिखी. कई बातें इशारों में भी कहीं. इस किताब को लेकर चर्चा इसलिए ज़्यादा है क्योंकि मंत्री रहते हुए कम ही नेता खुलकर फॉरेन पॉलिसी पर बोलते हैं. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ बैठे अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल अफेयर्स पढ़ानेवाले प्रो मुक्तदर खान जो एक यूट्यूब चैनल 'खानवर्सेशन' भी चलाते हैं. बात हुई कि जयशंकर का दुनिय...
Jan 27, 2022•1 hr 14 min
कश्मीर के झगड़े की वो कहानी सुनिए जो आपने शर्तिया कहीं सुनी नहीं होगी. ये भी जानिए कि सोवियत और ब्रिटेन के झगड़े में अविभाजित भारत के साथ खेल कैसे हो गया. और ये भी कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद नेताजी सुभाष कहां थे. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ खुलासों की बैठकी कर रहे हैं “डार्क सीक्रेट्स” के लेखक इक़बाल चंद मल्होत्रा.
Jan 20, 2022•1 hr 15 min
क्या आपको मालूम है नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की पहली लड़ाई जाति के खिलाफ थी? और उस लड़ाई में उन्हें अपना उपनाम छोड़ देना पड़ा. ऐसा बहुत कुछ है जो हम 'बचपन बचाओ आंदोलन' के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी के बारे में नहीं जानते. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार शामिल हुए हैं कैलाश जी. पूरा पॉडकास्ट सुनिए क्योंकि यहां उन्होंने बचपन, संघर्ष, कामयाबी, सपनों, मोहब्बत पर हर बात बड़ी बेबाकी से कही है.
Jan 13, 2022•1 hr 10 min
पुलिस वालों पर करप्शन, कस्टडी में हत्या, एनकाउंटर से लेकर जाने कौन कौन से आरोप लगते रहते हैं. फिर भी ना सरकारों का और ना पब्लिक का काम पुलिस के बिना चलता है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए इंदौर ATS के एसपी रुपेश कुमार द्विवेदी. उनसे सुनिए पुलिस वालों की चुनौतियां और परेशानियां. इस Podcast में सुनिए: - अंग्रेज़ों के ज़माने से अब तक कितनी बदली पुलिस? - पुलिस में सुधार की ज़रूरत है तो सुधारते क्यों नहीं? - पुलिस में करप्शन की प्रॉब्लम इतनी तगड़ी क्यों है? - पुलिसवा...
Jan 06, 2022•1 hr 6 min
आप अगर उसी जनरेशन के हैं जो नब्बे के दशक में होश संभाल रही थी तो शक्तिमान, ब्योमकेश बख्शी, मालगुडी डेज़ को भूले थोड़े ही होंगे. कभी आपके दिल में सवाल भी उठा होगा कि कौन लोग हैं जो ऐसे दिलकश प्रोग्राम बना रहे हैं. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं प्रो अरूप चटर्जी जिनका नब्बे के दशक की एडवरटाइज़िंग पर ज़बरदस्त शोध है और साथ में राजशेखर व्यास जिन्होंने चालीस साल तक दूरदर्शन की यात्रा को ना सिर्फ जिया बल्कि उसे दिशा दी. तो आज की मज़ेदार बैठकी में ऐसे अनसुने क़िस्सों का आनंद लीजिए ...
Dec 30, 2021•1 hr 43 min
गे-लेस्बियन्स के बारे में क्या जानते हैं आप? किसी ट्रांसजेंडर्स से कभी कोई बात की है? कभी कोई किन्नर दोस्त बना है आपका? अगर सभी बातों का जवाब निगेटिव है तो ये ‘पढ़ाकू नितिन’ पॉडकास्ट आपके लिए ही है. LGBTQ समुदाय हमेशा से हमारे आसपास रहा है लेकिन हम अजीब ढंग से अनजान बने रहते हैं. वजह है संकोच, पूर्वाग्रह, डर या उपेक्षा का भाव. इस बार नितिन ठाकुर की बैठकी ट्रांसजेंडर फीमेल रुद्राणी छेत्री के साथ जमी. रुद्राणी के खाते में संघर्ष से लेकर उपलब्धियों तक बहुत कुछ है. फिल्में, मॉडलिंग एजेंसी और मित्र ट...
Dec 23, 2021•59 min
किताबें तो करोड़ों हैं लेकिन पढ़ने के लिए चुनी कौन सी जाए? कब कौन सी पढ़नी चाहिए? ढेर में अपने लिए कौन सी बेस्ट रहेगी? किताबों के रसिया लोग इन सवालों से भले न जूझते हों मगर बहुतों के मन में ऊहापोह बनी रहती है. फिर वो जहां-तहां सजेशन और रिकमेंडेशन खोजते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में लेखक, घुमक्कड़, कलाकार, पढ़ाकू जे सुशील अमेरिका से जुड़े हैं. फिलहाल तो साहित्य में पीएचडी भी कर रहे हैं. नितिन ठाकुर के साथ जमी इस बैठकी में उन्होंने देसी से लेकर विदेशी किताबों पर जो रंग जमाया है वो सुनकर आनं...
Dec 16, 2021•1 hr 54 min
अमेरिका अपनी लाख चुनौतियों के बावजूद आज भी दुनिया में खेल के नियम तय करता है. पहले सोवियत यूनियन और अब चीन से उसे भले टक्कर मिल रही है लेकिन उसका प्रभुत्व कायम है. भारत के लिए इनमें से अपना साथी चुनना अहम इसलिए बन गया है क्योंकि उसे दुनिया में अपनी जगह कायम करनी है और पड़ोसी पाकिस्तान-चीन का सामना करना है. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मुक्तदर खान ने डिप्लोमेसी की पहेलियों को सुलझाने में मदद की. इतिहास नहीं बल्कि भविष्य पर भी बहुत कुछ कहा. इसमें ...
Dec 09, 2021•1 hr 45 min
एक दौर था जब दास्तानगो शहर- शहर कहानी, किस्सों, दास्तान के खज़ाने लुटाया करते थे. लोग उन्हें घेरे रहते. कहानी कहने का उनका स्टाइल दिल में उतर जाया करता था. वक्त बदला और ये विधा फीकी पड़ती गई. दास्तानगोई खुद दास्तान बन गई. ये दिलचस्प कला कहां से भारत आई, कैसे यहां हिट हुई और क्यों फिर भुला दी गई आज पढ़ाकू नितिन में यही जानेंगे. इस सफर पर निकलेंगे तो कई कहानियां सुनने को मिलेंगी. नितिन ठाकुर के साथ बैठकी में हैं हिमांशु वाजपेयी जो देश-विदेश के जाने माने किस्सागो हैं. लखनऊ के दीवाने ये साहब अपने प्...
Dec 02, 2021•1 hr 36 min
राष्ट्रवाद यानि नेशनलिज़्म पर दशकों से बहस चल रही है. सबके लिए इसके मायने अलग हैं. दौर के हिसाब से भी और देश के हिसाब से भी. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ प्रियदर्शन शामिल हैं. कई किताबों के लेखक और पॉलिटिकल-सोशल- कल्चरल मसलों पर लिखनेवाले प्रियदर्शन ने जवाब दिया कि राष्ट्रवाद क्या है, कितनी तरह का है, भारत का राष्ट्रवाद पश्चिम से अलग कैसे, इसका फायदा-नुकसान क्या और इसकी नियति क्या होगी? इस पॉडकास्ट में सुनिए - - राष्ट्र और देश में क्या फर्क है - राष्ट्र और राष्ट्रवाद पैदा ...
Nov 25, 2021•1 hr 19 min
जितने लोग नेहरू के फैन हैं उतने ही उनसे नफरत करनेवाले भी हैं. आज़ादी के तुरंत बाद देश की बागडोर संभालनेवाले इस नेता पर आज भी बहस जारी है. ये बहस राजनीतिक मंचों से लेकर चौक-चौराहों और सोशल मीडिया के ठीयों तक पर गरम रहती है. जाने कितने ऐसे सवाल हैं जिनमें आधा सच आधा झूठ छिपा है. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में नितिन ठाकुर ने न्यौता है पीयूष बबेले को जिन्होंने ‘नेहरू - मिथक और सत्य’ नाम की किताब लिखी है और नेहरू से जुड़ी हर अफवाह की चीर फाड़ की.
Nov 18, 2021•1 hr 40 min
अक्सर ये बहस गर्म रहती है कि दुनिया की पहली भाषा कौन सी है? इसका कोई एक जवाब नहीं मगर हम भारतीयों ने माना कि इसका जवाब संस्कृत है. संस्कृत को बाकी भाषाओं की जननी भी कहा गया. पढ़ाकू नितिन में इस बार की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं हेमंत राजोपाध्ये जो जर्मनी से संस्कृत में पीएचडी कर चुके हैं, साथ ही देशी विदेशी यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ाते हैं. उनसे जानेंगे कि संस्कृत का इतिहास क्या है, कौन इस भाषा का इस्तेमाल करता था और क्या ये भाषा आर्यों की भारत आक्रमण थ्योरी को सुलझा पाती है?
Nov 11, 2021•1 hr 9 min
लंदन हमेशा भारतीयों के लिए अहम रहा. कोई इससे प्यार करता रहा तो कोई नफरत. वजह ऐतिहासिक है. वहां रहनेवालों ने हम पर सदियों तक शासन किया था. इसी बीच भारतीयों ने भी उनके शहर में जड़ें जमाईं. बहुत कुछ उसे दिया, काफी कुछ लिया. इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ ‘Indians in London’ के लेखक अरूप के चटर्जी हैं. वो बता रहे हैं कि क्यों लंदन को लेकर भारतीयों के दिल में खास जगह है, इस शहर में भारतीयों की कहानी कैसे शुरू हुई, कैसे आग मे जल जाने के बाद लंदन के फिर खड़ा होने में भारत का हाथ रह...
Nov 04, 2021•1 hr 56 min
कहा जाता है कि बाइबिल के बाद सबसे ज़्यादा प्रकाशित होनेवाली किताबें गांधी के बारे में हैं. 73 साल बाद उनके जीवन और मौत दोनों की परतें बार-बार उघाड़ी जाती हैं. खासकर 30 जनवरी 1948 को की गई उनकी हत्या के कारणों और तरीकों पर लगातार किताबें आई हैं. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में नितिन ठाकुर ने इतिहास पर किताबें लिखनेवाले अशोक कुमार पांडेय से बात की है. उनसे कई बातें जानने की कोशिश की. जैसे गांधी की हत्या करने के पीछे गोडसे ने जो तर्क दिए वो कितने मज़बूत थे. भारत विभाजन में गांधी की भूमिका क्या थी, क्य...
Oct 28, 2021•1 hr 15 min
बागपत के सनौली में चार हज़ार साल पुराना एक कब्रिस्तान मिला. खुदाई हुई तो तलवारों, ढालों, भालों, गहनों का अंबार लग गया. फिर मिले तीन रथ. पुरुषों के साथ महिलाओं की पांव कटे कंकाल. 2005 और 2018 की खुदाई में पुरातत्व विभाग ने यहां से जो कुछ हासिल किया उसने दुनिया में बहस छेड़ दी. इतिहास के जानकार टकराने लगे. नए जवाबों और नए सवालों ने संभावना पैदा कर दी है कि शायद तारीख फिर से लिखी जाएगी. ढेर सारी जिज्ञासा के साथ इस बार ‘पढ़ाकू नितिन’ में नितिन ठाकुर ने बैठकी जमाई सनौली की खुदाई करनेवाले ASI के जॉइंट...
Oct 21, 2021•1 hr 26 min
मोदी सरकार की दूसरी ईनिंग के ढाई साल पूरे हो चुके हैं. अभी ढाई बाकी हैं. हर विधानसभा चुनाव को लोकसभा चुनाव के लिटमस टेस्ट की तरह देखा जाता है. किसे ही मालूम है कि ढाई सालों में क्या क्या होगा और फाइनली इलेक्शन किन मुद्दों पर लड़ा जाएगा. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ इस बार हैं गौतम चिंतामणि. कई किताबों के लेखक गौतम ने The Midway Battle नाम की किताब लिखी है जिसमें सरकार की उन चुनौतियों का ज़िक्र है जो ढाई सालों में आनेवाली हैं.
Oct 14, 2021•1 hr 31 min
आज से 102 साल पहले जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने निहत्थे लोगों का बेरहमी से खून बहाया था, जिसके बाद उन्हें अमृतसर का कसाई कहा जाने लगा. वो दर्दनाक मंज़र अपनी आँखों से एक लड़के ने देखा था. बाद में उसने आपबीती लिखी भी जिसे अंग्रेज़ों ने बैन कर दिया. उसके वंशजों ने सौ साल बाद वो आपबीती खोज निकाली. पढ़ाकू नितिन की इस बैठकी में जलियांवाला बाग के उसी खूनी दिन की बात हुई है. वो दिन अहम है क्योंकि उसने गांधी और भगत का नज़रिया बदल डाला था. पॉडकास्ट में बात हुई है कि उस दौर में शहर का माहौल कैसा था, अंग...
Oct 07, 2021•1 hr 3 min
शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम सब जानते हैं, काम भी सबको पता है लेकिन ख्यालों के समंदर में डुबकी मारने से बचते हैं. वो उन चुनिंदा विचारक क्रांतिकारियों में हैं जिनकी पूजा सहजता से हो जाएगी लेकिन उतना ही मुश्किल उनके विचारों को लागू करना है. करीब सौ साल बीत गए हैं पर उनका लिखा और बोला हुआ अब भी धुंधलके में है. आज उससे काफी हद तक परत हटाने की कोशिश पढ़ाकू नितिन में हुई है. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए हैं भगत सिंह पर शोध करने के लिए मशहूर प्रोफेसर चमन लाल. दर्जनों किताब लिखने के साथ प्रोफेसर...
Sep 30, 2021•1 hr 36 min
नब्बे के दशक में बहुत कुछ बदला. हिंदुस्तान में म्यूज़िक की तस्वीर भी बदली. टीवी स्क्रीन्स पर एक से एक म्यूज़िक बैंड और सोलो आर्टिस्ट दिखे. उस दौर को इंडी पॉप का गोल्डन पीरियड कहा गया. आज भी नब्बे का दौर लोगों के दिल से गुज़रा नहीं लेकिन सवाल ये है कि बीस साल पहले म्यूज़िक इंडस्ट्री पर राज करनेवाले तमाम चेहरे अब कहां गए? उस इंडी पॉप म्यूज़िक को किसने गायब कर दिया? क्या दुनिया भर में सोलो ऑर्टिस्ट्स के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है? इन्हीं सवालों पर बैठकी करने के लिए आज के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठ...
Sep 23, 2021•1 hr 27 min