हनुमान चालीसा के पहले दोहा का हिंदी अर्थ हनुमान कथा गुरु की महिमा
Jan 20, 2021•4 min
Episode description
श्रीगुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुरु सुधारी।
बरनऊं रघुवर बिमल जसु जो दायक फल चारि॥
तुलसीदासजी ने हनुमान चालीसा की शुरुआत गुरु वंदना से कि है, हमारी संस्कृति में गुरु को बहुत अधिक सम्मान दिया गया है। अज्ञान के अंधकार को दूर करने के लिए ज्ञान का प्रकाश जलाने वाले गुरु होते है। जीवनहीन और पशुतुल्य बने मानव को देवत्व की ओर ले जाने के लिए जिस व्यक्ति की आवश्यकता रहती है वह गुरु ही है।
For the best experience, listen in Metacast app for iOS or Android
