एग्ज़ैम स्कैम नीट वाले बच्चों के साथ इतना अत्याचार हुआ है? इलेक्शन के दिन जानबूझ के रिसाल्ट दिया गया, लेकिन इसका एक समाधान निकाला जाएगा। अभी होगा यहाँ पर भीषण बाबा और सरकार से भी कहते हैं ये एन टी ए जो है। हाँ, दली स्कैम ये खतरनाक बिमारी है स्कैम का। या तो ससुरा पेपर लीक करा दो या घोटाला करा दो। नीट वाले बच्चों के साथ इतना अत्याचार हुआ है, इतना अत्याचार
नीट वाले बच्चों के साथ क्यों? बेचारे सब कुछ कह ही नहीं पा रहे हैं और छोटे होते हैं नीट वाले बच्चे जो होते हैं ना छोटे होते हैं इंटर पास किए होते हैं इंटर पास किए हुए बच्चों पे ना गार्जियन का बहुत दबाव रहता है ये मत करो वो मत करो वरना जितना धांधली ये नीट वाले एन टी ए ने किया है ना उतना धांधली अगर यु पी एस सी बी पी एस सी या रेलवे एग्ज़ैम वाले में कर देते ना अब तक देश में वो क्रांति खड़ी हो गई रहती वो बच्चे छोटे है तो एन टी ए उनको अंडर एस्टीमेट मत करो जितना जल्दी हो सके आप उसको सुधरिये लोग
नीट वाले एग्ज़ैम में एक तो तो पेपर छोटा ही नशा में पी रहे दारू पी के पेपर बना रहा है सब लग रहा है फूंक के एकदम अरे भाई पेपर का मतलब होता है की थोड़ा सा टफ्फ़नेस रहना चाहिए। पेपर पेपर बेशक नीट कट ऑफ रहता है, लेकिन में इतना कम से कम होना चाहिए था की मतलब जैसे आई आई टी हो गया यु पी एस सी हो गया ऐसा नहीं की ये सभी आसान है सब यहाँ पे तो नहीं ले के आये ना कोई पूरा में पूरा तो नहीं यु पी एस सी में काहे वो उस लेवल पे उसमें भी टफ होते है। अब पूरा में पूरा लाके एक ही बार
पता चल रहा है। पहले कोई एक आता था नंबर वॅन अभी तो सड़सठ अड़सठ नंबर वॅन आ रहा है। सब आने वाले समय में जीस हिसाब से ये छोटे सब सीट बेच रहे है। सब जीस हिसाब से ये छोटे सब धांधली करा रहे है। सब आप विश्वास नहीं कीजियेगा, अगर हम लोग चुपचाप बैठे रहोगे ना ना
तो ये सब क्या होगा? एक समय ऐसा आएगा की ए आई आर ऑल इंडिया रैंक जो आएगा ए आई आर ये पता चलेगा कितना तो 10,000 बच्चो ने लेके आया है ए आई आर ए आई आर ले आने पे भी एम्स में सीट नहीं मिलेंगे। क्योंकि एम्स में सीटें कम हैं और जानबूझ के सीटें कम रखी जाती हैं की एम्स में सीटें कम रहेंगी तो डॉक्टर कम रहेंगे। तो यहाँ पे एक साधारण व्यक्ति के इलाज कराने में नानी मर जाएगी, कौन इलाज करा पड़ेगा? मंत्री जी बड़े बड़े सचिव लोग बड़े बड़े अधिकारी लोग इतना बड़का
बड़का एम्स रख के कितना सीट? 25 कोनो में 305060 सीट हैं यहाँ पे सीटें की संख्या जब आप बड़े एक नया एम्स खोलने में जितना खर्च हैं, उससे कम ही खर्च हैं। एग्ज़िस्टिंग एम्स में सीटों की संख्या बढ़ाने जा सीट संख्या बढ़ेगी। अब ये सब थोड़ा सरकार का खर्च बढ़ेगा, लेकिन सोचिए कि अच्छे डॉक्टर समाज में बढ़ेंगे तो जब अच्छे डॉक्टर बढ़ेंगे तो समाज में जो लोग अच्छे डॉक्टर्स की कमी से मर जाते हैं, किसी का परिवार नहीं उजड़ेगा यहाँ पे एक लम्बी प्रक्रिया चल रही है यहाँ पे तो
सबसे खतरनाक बिमारी यह है भांग पी के बैठना, वहाँ पे चेक करने वाले सब और जीतने बच्चे हैं नीट वाले आप लोग ध्यान से समझिएगा। आप लोगों को ये सब बच्चा समझ रहा है सब यहाँ पर। अब फिजिकल प्रोटेस्ट अगर सावधानी से करें कोई भी आपको ये मतलब प्रोटेस्ट में कभी सब टाइप का ना हो कि। मतलब कोई जन माल की हानि हो जाए यहाँ पर लेकिन अगर इसको अगर हम लोग छोड़ देंगे ना नीट वालो को ये छोटा सा टक का यही करेगा सब कुछ दिन में आप देखिएगा कि जीतने अधिकारी हैं जो मतलब ये जो एन टी
ए में बैठे हैं लोग यहाँ पे चुनाव के आड़ में रिसाल्ट दिया है। सब कहावत कहा जाता है। चोर की दाढ़ी में तीन का जीस दिन चुनाव का रिसाल्ट आया। उस दिन इन लोग का भी रिसाल्ट आया चुनाव में दब गया क्योंकि मीडिया भारत में केवल राजनीति के लिए है। भारत की मीडिया केवल राजनीति के लिए अगर किसी आदमी को अब देखिए कोई कोई आदमी कह देगा की देखिए आज हमारे मंत्री जी पेड़ पे चढ़ गए। पूरी मीडिया दिखाएगा ये देखिए ये देखिए मंत्री जी पेड़ पे चढ़ गए, पेड़ पे चढ़ गए मंत्री जी ये कैमरा बंद करो, बंद करो उलट गए
उलट गए जा जा उलट गए उलट गए पेड़ पे से उलट गए यही सब के लिए मीडिया खड़ी है तो। मीडिया भी सब चीजों में उतना फोकस नहीं कर रही है यहाँ पे। लेकिन इसके लिए ना एक अच्छा से प्रोटेस्ट करके थाली बजाने के लिए तो हम लोग को हथियार दिए ही गया
है तो? 1 दिन बढ़िया से प्रोटेस्ट करने के लिए सारे लोग थाली थाली ताली बजाएंगे तो नहीं गुजेगा थाली बजा दिए जैसे चोरोन में कैसे बजाये थे यहाँ पर, नहीं तो इसके बगले में है। एन टी ए चला जाएगा दिल्ली हम लोग का जो ऑफिस है ना नॉएडा ऑफिस उसके पीछे है एन टी ए का हेड ऑफिस सेक्टर 62 में अब वही हम लोग का भी ऑफिस है। सेक्टर 62 में चल चलते हैं। लेते आते कहते हैं की देश आर्मी का हद हो गया है। मतलब क्या बोला जाता है ना कि जूता मारने पे भी जूता भी शर्माएगा किसके मुँह पे मार दिए
मेरा इतना नसीब थोड़ी है इससे अच्छा कहीं गोबर पे पैर रख देते एकदम खतरनाक बिमारी फैला के रखा है सब आजकल यहाँ पर हर चीज़ का पेपर लिख के आप यु पी में देखो यु पी पुलिस के पेपर में जब लीक हुआ था तो समझाया जा रहा था भाई लीक हुआ है।
तो वहाँ क्या कर रहे थे? ज्यादा बोलेंगे नहीं, लीक हुआ है डायरेक्ट कहा गया की कोचिंग वाले भड़का रहे है और जब भीषण बवाल हुआ तो नहीं लीक हो गया था। लीक हो गया था, कोचिंग वाले भड़का रहे है। हाँ आके पढ़ा के देखो लोग यहाँ पे तब समझ में आता है क्या होता है नीट वाले विद्यार्थी लोग आप लोग टेंशन नहीं लीजिएगा। टेंशन लिखिए, आपको टेंशन होगा ही। आप कैसे कहियेगा की हम लोग को कितनो कह दे टेंशन ले लिएगा किसी को अपने भविष्य की चिंता रहती है, लेकिन इसका एक समाधान निकाला
जाएगा। अच्छा हैं जैसे निकले समाधान चाहे जैसे भी समाधान निकले लेकिन इसका समाधान करना पड़ेगा और सरकार से भी कहते हैं कि ये एन टी ए जो है सब यहाँ पे बैठे हैं। सब टेस्टिंग एजेंसी है। पहले इनका टेस्ट लीजिए ये नेशनल टेस्टिंग एजेंसी इनका टेस्ट लीजिए और इनका टेस्ट ले जाकर लीजिए रांची के पागल खाने में यहाँ पर यहाँ पे ए आई आर लेकर आते हैं शायद नॉर्मलाइजेशन किए हैं यहाँ पे जो नंबर कोई पा नहीं सकता उतना उतना नंबर दिया है सो 318300718719 इनके बाप के यहाँ से
नंबर आएगा यहाँ पे। हाँ, नीट वाले बच्चे अगर छोटे हैं एज में अगर प्यार से बोल रहे हैं तो समझ जाइए नहीं तो हम लोग अगर ये बच्चे हैं, इनको हम बार बार समझाते हैं। युवा अगर पैर छूना जानते हैं ना तो पैर चलाना भी जानते हैं तो अगर ये हाथ जोड़ के अगर कह रहे हैं सब की इनकी बात मान लीजिए वरना ये हाथ चला देंगे, सब तो मानना पड़ेगा। अगर पैर छू रहे हैं सब ना तो आराम से मान लीजिए वरना लात चला देंगे सब अभी हम लोग थोड़े रोकने जाएंगे क्या होगा?
ऐसे ही हुआ था रेलवे में हम लोग समझा रहे थे समझ जा समझ या नहीं हुआ तो समझेंगे यहाँ पे अभी हो गया यहाँ पे भीषण बवाल तो फिर समझेंगे लोग यहाँ पे तो बात प्यार से है किसी के करियर के साथ खेलने का अधिकार किसी को नहीं है। यहाँ पर हर बच्चे का शौक होता है। अगर वो कोई इंजीनियरिंग कर रहा है तो सोचता है की हमको बेटर से बेटर आई आई टी कॉलेज मिले हर बच्चा इसीलिए पढ़ रहा है यहाँ पे कम टेंशन में था। उन बच्चों के लिए सुसाइड पे सुसाइड कोटा सुसाइड कैपिटल बन गया था, कोई खेत बेचके गया होगा, कोई
कुछ भी गया होगा जब वो सुना होगा। मेरा ए आई आर वॅन खुशी से पागल हो गया होगा और उसके बाद देखा होगा लूट लिया ईंट वाले विद्यार्थी लोग इस मुहिम को रोकना नहीं है। अब जहाँ भी रहेंगे यहाँ पे बहुत सारे बच्चे फिजिकल प्रोटेस्ट भी कर रहे हैं। इन चीजों को सुधारने की जरूरत है और सबसे ज्यादा जरूरत है एन टी ए में टेस्टिंग एजेंसी में कौन पागल बैठा है उसकी जांच करना यहाँ पर भांग पी के बैठा है सर यहाँ पर सरकार को भी चरस, गांजा, भांग के रोक लगाना चाहिए। कल तक सड़क छाप लोग पी रहे थे हम
पी के बैठा है सब यहाँ पे मतलब। जब हम क्या बोले जब ये रिसाल्ट आया था तो इलेक्शन में भीड़ में दब गया था। धीरे धीरे इलेक्शन आने के जस्ट बाद तो एक एकाध दिन समय लग जाता इस पे रिसर्च करने में, उसके बाद हम अभी ओह टी ए गया में गए हुए थे। ऑफिसर ट्रेनिंग ऐकैडॅमि में वहाँ जो बच्चे थे उन लोग का। पासिंग आउट सेरेमनी था उन बच्चों का, वहाँ भी था। अब मिलिट्री में अलग ही रूल होता है। अब समझते हैं यहाँ पे हम देख रहे हैं की शांत हो जाएगा। आम शांति से देख रहे हैं कि कम से
कम सुधार जाए, सुधर जाए, लेकिन नहीं सुधारने का नाम ही नहीं ले
रहा है आप? के दिन जानबूझकर रिसाल्ट दिया गया है। छुपाने के लिए जांच होगा। इन लोग में जितना बाल बच्चा लोग इसमें ना सेट्टिंग करके आए हैं, ना ए आई आर वॅन में। इन सबको बिजली का झटका दे के ना पागल कर दो हाँ इलाज वही करें जो बच्चों का सेलेक्शन हो। यहाँ से चट्टा सा तो सबसे खतरनाक बिमारी है एग्ज़ैम इस स्कैम। चाहे वो पेपर लीक हो, रिसाल्ट में धांधली हो, कट ऑफ में धांधली हो, नॉर्मलाइजेशन हो अच्छा ई नीट वाले देखो नॉर्मलाइजेशन इतना खराब सिस्टम है की नॉर्मलाइजेशन इतना खराब है की इनको ना मतलब क्या
बताया जाए? आज तक किसी को क्रिकेट का डकवाथ लुइस नियम और इग्ज़ैम का नॉर्मलाइजेशन नियम किसी को समझ में नहीं आया तो 50 साल पुराना नियम लगा रहे है। क्या? तो किसी सेंटर पे लेट हो गया था। अरे यार लेट हो गया था तो जिन जिन बच्चों ने एग्ज़ैम दी, लेट हुआ तो उस सेंटर को तो उस सेंटर पे कार्रवाई करेगा ना?
शवों को नाच देगा। यहाँ पे एक चीज़ हमेशा ध्यान से रखें प्यार से अगर दुनिया समझ जाती ना तो बांसुरी बजाने वाला कृष्ण कन्हैया महाभारत होने नहीं देते। झटका बच्चा सब ऐसा जीस दिन भड़क गया सब इनको कोई नहीं समझा पाएगा। हम लोग क्या कहेंगे? लोग बच्चों ऐसा नहीं करो, ये गलत बात है। हम लोग क्या कर सकते हैं?
