LEEK PAR WE CHALE: SARVESHWAR DAYAL SAXENA
Jul 10, 2021•3 min
Episode description
एक जोशीली कविता , जो हमें यह सिखाती है कि मानव को अपने लिए नई-नई मंजिलों की तलाश करनी चाहिए और उस तक पहुँचने के लिए नए रास्ते भी स्वयं ही चुनने चाहिए। बने बनाए रास्तों पर तो कमज़ोर तथा हारे हुए इंसान चलते हैं।
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