हिंदी कविता: "मैं तुझे फिर मिलूंगी"
Feb 20, 2021•4 min
Episode description
पेश है मशहूर शायरा अमृता प्रीतम की दिलकश नज़्म जो उनके रूहानी इश्क़ की खुली इबारत है। "साहिर लुधियानवी, अमृता, इमरोज़"- ये एक ऐसा त्रिकोणीय प्रेम था जो अमृता की किताबों में अमर हो गया है। ये नज़्म अमृता का अपने पति इमरोज़ से वादा है कि अभी नहीं तो कभी न कभी, कही न कही, किसी न किसी रूप में वे उनसे ज़रूर मिलेगी।
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