शादी के वस्त्र के बिना – I
विवाह का वस्त्र उस चरित्र को दर्शाता है जो उन सभी में होना चाहिए जो विवाह के लिए योग्य अतिथि माने जाएंगे।

विवाह का वस्त्र उस चरित्र को दर्शाता है जो उन सभी में होना चाहिए जो विवाह के लिए योग्य अतिथि माने जाएंगे।
यहूदी लोग परमेश्वर के उद्देश्य को पूरा करने में असफल रहे, और उनसे दाख की बारी छीन ली गई क्योंकि उन्होने मसीह को स्वीकार नहीं किया।
परमेश्वर ने यहूदी जाति को विशेष आशीष देने के लिए चुना था और यहूदी राष्ट्र को संसार में सर्वश्रेष्ट राष्ट्र बनाने की प्रतिज्ञ की थी।
जो यीशु से प्रेम करते हैं, उसकी आज्ञाओं को मानेंगे। अच्छे कार्य परमेश्वर के प्रेम को नहीं खरीदते, पर प्रगट करते हैं कि हम उस प्रेम को प्राप्त किए हैं।
ईमानदारी की परीक्षा शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में होती है।
केवल वे ही सच्चे वंशज माने जाते हैं जो ईश्वर की आवाज़ का पालन करके अब्राहम के साथ आध्यात्मिक रूप से सामंजस्य स्थापित करते हैं।
धनवान व्यक्ति और लाजर के दृष्टांत में, मसीह दिखाते हैं कि इस जीवन में मनुष्य अपने अनन्त भाग्य का निर्णय करते हैं।
हम परमेश्वर और उसके वचन में भरोसा करके नए साल में कदम आगे ले सकते हैं।
जैसे हम इस वर्ष के अन्त में पहुँच गए हैं हमें परमेश्वर को धन्यवाद करना है और उसके उपकरों को स्मरण करना है।
“चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो; क्योंकि किसी का जीवन उसकी सम्पत्ति की बहुतायत से नहीं होता।”
परमेश्वर हमारे बहुत पापों को क्षमा किए हैं, इसलिए हमें दूसरों के पापों को क्षमा करना है।
परमेश्वर के संदेशवाहकों को बुलाया जाता है कि वे सुसमाचार उन सब लोगों को दें जो दुनिया में भटक गए हैं कि उन्हें आशा मिले और उन्हें परमेश्वर के दावत में निमंत्रण करें।
दावत का निमंत्रण सबसे पहले यहूदी लोगों को दिया गया था; जब उन्होंने इस आह्वान को अस्वीकार कर दिया, तो सुसमाचार का आह्वान अन्यजातियों को दिया जाता है।
फरिसी का मनोदृष्टि दिखलता था कि वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने को निश्चित था परन्तु जिस शर्त पर उद्धार प्रतिज्ञा किया गया है उसे मानने को तैयार नहीं था।
यीशु हमारे लिए परमेश्वर से और एक मौका के लिए प्रार्थना कर रहा है, हमें इस मौका में फल लाना है।
यीशु के पास आने में पीछे न रहें जब तक कि आप अपने आप को बेहत्तर न बना लें, या उतना अच्छा न बन जाएँ कि आप ईश्वर के पास आने के लायक हों, अन्यथा आप आएंगे ही नहीं।
वह पिता का प्रेम ही था जो उड़ाऊ पुत्र को घर की तरफ ले जा रहा था।
खोया हुआ चाँदी का टुकड़ा का दृष्टांत उन लोगों को दर्शाता है जो पाप में खो गए हैं पर उन्हें अपनी स्थिति का समझ नहीं है।
वह आत्मा जो परमेश्वर से भटक गया है, खोया हुआ भेड़ के समान उतना ही खोया हुआ है, और बचाव का स्वर्गीय प्रेम आए हुए बिना, वह परमेश्वर के पास नहीं आ सकता।
परमेश्वर धार्मिकता से न्याय करता है, वह अपने लोगों को बचाने के लिए हस्तक्षेप करेगा, और अधार्मिकता के उभाड़ को दबाएगा।
वह अधर्मी न्यायी जो न परमेश्वर को डरता था न मनुष्यों का परवाह करता उस विधवा का न्याय चुकाया क्योंकि वह बार–बार जाती थी; परमेश्वर अपने लोगों का न्याय जल्द चुकाएगा।
यीशु के हम जितने करीब आते हैं और उसके चरित्र के सुद्धता को देखते है, हम अपने पर भरोसा नहीं करेंगे और यीशु पर निर्भर करेंगें।
वह चुंगी लेने वाला जो परमेश्वर का दया का मांग किया धर्मी ठहराया जाकर घर गया, न कि वह फरिसी जो अपने धार्मिकता में भरोसा किया।
परमेश्वर आप से चाहता है की आप विश्वास से आप उसे पहुंचे, और वह आपको जीवन की हर क्षेत्र में बहुतायत से आशीष देना चाहता है।
उस दृष्टांत से जिसमें एक व्यक्ति अपने मित्र से रात को रोटी मांगने आता है, मसीह सिखाता है कि हम मांगें कि हम दूसरों को दे सकें।
परमेश्वर का वचन पवित्र शास्त्र के पुराने और नये नियम को सम्मिलित करता है जहाँ मसीह में परमेश्वर के समृद्ध खजाना पाये जाते हैं।
जाल जो समुद्र में फेंका गया, के दृष्टांत से मसीह सिखाता है कि वह चरित्र है, पद नहीं, जो मनुष्य का भाग्य निश्चित करता है।
यीशु स्वर्ग का मोती है, हमें उसे प्राप्त करना चाहिए। और यीशु मनुष्य में भी बहुमूल्यता देखा जिसे वह अपने बलिदान से अपनाने आया।
हमें शास्त्र में छिपे खजाने की खोज करना है; विश्वासयोग्य और मेहनती खोजनेवाला जो पवित्र आत्मा की मदद से खोजता है प्रतिफल पाएगा।
स्वर्गीय खजाना को पाने वाला कोई भी परिश्रम को अति महान और कोई भी बलिदान को अति प्रिय नहीं समझेगा।